गुजरात के भाजपा सांसद डॉक्टर केसी पटेल को हनी ट्रैप में फंसाने के आरोप में गिरफ्तार की गई युवती को लेकर दिल्ली पुलिस की एक टीम बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर पहुंची। एसीपी सुबोध कुमार के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस की टीम पहले एसएसपी बबलू कुमार से मिली। बाद में टीम ने युवती के घर पहुंची। बाहर से दरवाजा बंद कर दो घंटे तक घर को खंगाला गया। शैक्षिक, जमीन और बैंक एकाउंट से संबंधित दस्तावेजों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। इसके अलावा युवती के सहयोगी आपराधिक छवि के मित्रपाल के घर भी दबिश दी गई, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
गुजरात के वलसाड सीट से भाजपा सांसद केसी पटेल ने 28 अप्रैल को दिल्ली के नार्थ एवेन्यू थाने में युवती के खिलाफ एक्सटॉर्शन का मामला दर्ज कराया था। सांसद ने पुलिस को बताया कि युवती ने फोन पर उनसे मेलजोल बढ़ाया और गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित नीति खंड भवन में अपने फ्लैट पर चाय के लिए बुलाया। चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया। इसके बाद उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो क्लिपिंग तैयार कर ली। बाद में युवती ने इसके बदले सात करोड़ रुपये की डिमांड की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने पुलिस को पूछताछ के लिए युवती को पांच दिन के रिमांड पर दिया है।
सर्विलांस की छानबीन में अभी तक युवती के बीस से अधिक राजनीतिक लोगों और अधिकारियों से लंबी बातचीत होने के सबूत मिले हैं। बृहस्पतिवार सुबह एसीपी सुबोध गोस्वामी के नेतृत्व में छह वाहनों में सवार दिल्ली पुलिस के जवान युवती को लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचे। युवती के साथ महिला पुलिस के साथ एक गाड़ी में बंद रखा गया। एसीपी सुबोध गोस्वामी ने एसएसपी बबलू कुमार से बात कर मामले की जानकारी दी और कई जगहों पर दबिश देने के लिए फोर्स की मांग की।
दोपहर करीब एक बजे दिल्ली पुलिस युवती के गांव खांजापुर पहुंची। टीम ने गांव में पहुंचते ही पूरे घर को चारों ओर से घेर लिया। पुलिसकर्मी युवती को लेकर घर के भीतर दाखिल हुए और मेनगेट को अंदर से बंद कर लिया। पुलिस ने करीब दो घंटे तक घर का कोना-कोना छाना। इस दौरान टीम ने युवती के शैक्षिक प्रमाण-पत्र, जमीन संबंधी कागजात, बैंकों की पासबुक आदि दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। टीम ने युवती के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की।
बाद में टीम पीनना गांव में पूर्व प्रधान मित्रपाल के आवास पर पहुंची। टीम ने यहां भी घंटों पूछताछ की। मित्रपाल पर आरोप है कि वह युवती के साथ मिलकर वसूली करता था। मित्रपाल की आपराधिक पृष्ठभूमि है। उसके खिलाफ दिल्ली, तितावी और शहर कोतवाली थाने में लूट, रंगदारी, जानलेवा हमले और बलवे के दस मुकदमे दर्ज हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस वापस खांजापुर पहुंची और यहां रहने वाले मित्रपाल के भाई सोहनवीर के घर पहुंचकर पूछताछ की। एक टीम युवती के पैतृक गांव छपार के बसेड़ा में गई।
वहां भी उसके बारे में लोगों से जानकारी जुटाई गई। शाम तक दिल्ली पुलिस की टीम जिले में डेरा डाले रही है। उधर, पुलिस के जाने के बाद युवती के पिता ने कार्रवाई को लेकर विरोध जताया। कहा कि कुछ नेता उनकी बेटी को बदनाम कर रहे हैं। उनकी बेटी ने ऐसा कुछ नहीं किया है। एसीपी सुबोध कुमार ने बताया कि युवती पर एक्सटॉर्शन का मामला दिल्ली में दर्ज है। उसी को लेकर जांच चल रही है। घर से युवती से संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं।
युवती के खिलाफ भी दर्ज हुआ था मामला
मुजफ्फरनगर। दिल्ली पुलिस ने युवती के बारे में बारीकी से छानबीन की। युवती के खिलाफ एक पुराना मुकदमा भी शहर कोतवाली में मिला है। हालांकि वह पारिवारिक विवाद के चलते दहेज एक्ट में दर्ज कराया गया था। बाद में इस मामले में समझौता हो गया था। बताया गया है कि पांच साल पहले युवती गाजियाबाद गई थी। हाल ही में आठ दिन पहले वह गांव भी आई थी। परिजनों से मिलकर लौट गई थी। परिजनों को बेटी के कारनामों की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि पुलिस उनकी बेटी को फंसा रही है।