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लड़की से ही फोन कराकर बुलाया था इरशाद को   

Fri, 22 Jul 2016 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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कवाल गांव में किशोर के जनाजे में शामिल भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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तीन दिन से लापता इरशाद की हत्या से पूरा कवाल गांव सकते में है। पिछले छह महीने से दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था, जो लड़की के भाइयों को नागवार गुजरा। उन्होंने बहन का स्कूल जाना बंद करा दिया। इरशाद ने भी स्कूल छोड़ दिया और मजदूरी करने लगा। रोक के बावजूद लड़की के घर इरशाद का आना जाना बंद नहीं हुआ।
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पुलिस के अनुसार इरशाद ने लड़की को अपनी तरफ से सिम दे रखा था। सोमवार की रात भी इरशाद और लड़की की बात हो रही थी। इसी बीच दोनों भाइयों को इसका पता चल गया। इस पर इरशाद ने फोन काट दिया। दोनों ने बहन पर दबाव डालकर दोबारा फोन कराया और इरशाद को घर आने के लिए कहा।

उस समय रात के 12 बज चुके थे। जैसे ही इरशाद घर आया, दोनों ने उसे पकड़ लिया और पहले से तैयार रखी रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव को घर में ही राइस मिल में दबा दिया और ऊपर भूसा डाल दिया। ताकि किसी को गड्ढा खोदे जाने का पता न चले।
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रातभर इरशाद के घर नहीं लौटने पर मंगलवार सुबह परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, मगर उसका सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार को ही थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर हाईवे पर जाम भी लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी दीपक कुमार ने क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की टीम को मामले के खुलासे के लिए लगाया। सर्विलांस की टीम ने जांच कर बताया कि सोमवार आधी रात को इरशाद के फोन पर आई कॉल गांव के एक घर से ़थी।

बस यहीं से पुलिस के हाथों अहम सबूत लगा और बुधवार रात में कप्तान ने खुद आरोपियों के मकान पर दबिश दी। एसएसपी ने स्वयं लड़की और उसके परिजनों से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि लड़की के भाइयों ने फोन करवा कर इरशाद को रात में बुलवाया था। भाइयों ने फांसी का फंदा लगाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हंगामा न हो इस डर से रात में ही आरोपियों द्वारा बताई गई जगह से शव को गड्ढे से बाहर निकलवाया और रात में ही चुपचाप उसका पोस्टमार्टम करा दिया।

सुबह हालात न बिगड़ने पाए इसके लिए एसएसपी दीपक कुमार ने बुधवार  रात में ही कई थानों का पुलिस फोर्स और भारी पीएसी बल तैनात कर दिया। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने इरशाद के परिजनों को शव मिलने की खबर दी। सुबह करीब सात बजे पुलिस शव को लेकर गांव में पहुंची। शव गांव में पहुंचते ही वहां के हालात एकदम से तनावपूर्ण हो गए।

कड़ी सुरक्षा के बीच परिजनों ने शव दफनाया। पुलिस ने इस हत्याकांड में लड़की के सगे भाई पवन और चचेरे भाई मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जांच में पाया कि किशोरी के पास जो सिम था वह फर्जी आईडी पर था। पुलिस उसकी गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।

इंस्पेक्टर जानसठ ने मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की और आला अधिकारियों को भी घटना की जानकारी नहीं दी। जब ग्रामीणों ने हाइवे जाम किया तो एसएसपी को पता चला। घटना में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। 

आरोपी पक्ष के मकान पर ताला पड़ा
किशोरी के मकान पर ताला लगा है। आरोपी पक्ष घर से फरार है। सुबह जब ग्रामीण जागे तो आरोपी के मकान पर ताला लगा मिला। बताया गया है कि मामले का खुलासा होने पर आरोपी पक्ष के बाकी परिजन मकान में ताला लगा कर फरार हो गए। उधर, गांव में चर्चा यह भी है कि दो हत्यारोपियों को पकड़ने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पक्ष के बाकी परिजनों को बाहर कहीं भेज दिया। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
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