फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुंदर भाटी गैंग के दो इनामी समेत पांच बदमाश गिरफ्तार 

Mon, 16 Jul 2018 12:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
पकड़े गए बदमाशों की जानकारी देते पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सुंदर भाटी गैंग के एक लाख व 50 हजार रुपये के दो इनामी समेत पांच बदमाशों को गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और सिहानी गेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें विक्की त्यागी का बेटा अर्पित त्यागी भी शामिल है।
विज्ञापन


बदमाशों की योजना बागपत के कुख्यात बदमाश संदीप बली, विक्की त्यागी के हत्यारोपी सौरभ, चिपियाना निवासी कुलदीप समेत एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में सात-आठ लोगों की हत्या करने की थी। पुलिस ने इनके पास से एक कारबाइन, तीन सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, दो कार और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए हैं।

एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने पुलिस लाइंस में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पकड़े गए बदमाशों में एक  लाख का इनामी मेरठ के सलावा निवासी अमर मूंछ उर्फ फौजी उर्फ राजकुमार उर्फ ठाकुर, गौतमबुद्धनगर के कामबक्सपुर निवासी 50 हजार का इनामी डीके उर्फ धर्मेंद्र , मुजफ्फरनगर के पावटी निवासी अर्पित त्यागी, अंबाला के भदौली निवासी कुलदीप और कैथल (हरियाणा) के बांता निवासी अनुज उर्फ गट्टू उर्फ डब्ल्यू शामिल हैं।
विज्ञापन


अर्पित त्यागी मुजफ्फरनगर के कुख्यात बदमाश रहे विक्की त्यागी का पुत्र है। इनको राजनगर एक्सटेंशन में मोरटी के पास से गिरफ्तार किया है। एडीजी ने बताया कि  भाटी गैंग के शूटर अमर मूंछ ने बिसरख थाना क्षेत्र में भाजपा नेता शिवकुमार और उसके दो गनर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि  इनकी योजना संदीप बली, नोएडा के एक बदमाश समेत बुलंदशहर, मेरठ, हापुड़, पंजाब व हरियाणा में कई लोगों की हत्या करने की थी।

 गाजियाबाद की कचहरी में खेला जाना था ‘खूनी खेल’
सुंदरभाटी गैंग के बदमाश गिरफ्तार न होते तो जल्द ही गाजियाबाद की कचहरी में ‘खूनी खेल’ खेलते। इसके लिए कार्बाइन से लेकर सेमी ऑटोमेटिक तीन पिस्टल और बड़ी मात्रा में कारतूस जुटा लिए गए थे। हत्या होनी थी डासना जेल में बंद सौरभ मलिक की। 2015 में मुजफ्फरनगर कचहरी में हुई कुख्यात विक्की त्यागी की हत्या में शामिल सौरभ से बदला लेने के लिए विक्की के बेटे अर्पित ने पूरी तैयारी की थी।

पकड़े गए बदमाश अमर, डीके उर्फ धर्मेंद्र, अर्पित त्यागी, कुलदीप और अनुज उर्फ गट्टू सौरभ और संदीप बली की हत्या की फिराक में लंबे समय से थे। चार माह पूर्व संदीप बली की गाजियाबाद कचहरी में तारीख थी। उसकी हत्या के लिए पांचों बदमाश कचहरी में हथियार लेकर पहुंच गए थे, लेकिन संदीप पेशी पर नहीं आया।

पुलिस के मुताबिक जल्द ही वह कचहरी में सौरभ की हत्या करने वाले थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो उनके पास ऐसे हथियार मौजूद हैं कि एक ही बार में वह 100 से ज्यादा राउंड फायरिंग कर सकते हैं। यानी एक बार किसी पर हमला करे तो उसका बचना नामुमकिन था। बदमाशों ने पूर्व में कुरुक्षेत्र में भी पुलिस पर जानलेवा हमला किया था। पकड़े गए बदमाशों का कहना है कि अब मुठभेड़ में उन्हें वक्त मिलता तो वह पुलिस पर हमला कर देते, लेकिन कभी उनके कब्जे में न आते।

 दिल में सुलग रही थी चिंगारी, बदला लेने को बनाया गैंग
गाजियाबाद। इंजीनियरिंग और कामर्स की पढ़ाई करने के बावजूद महज 24 से 29 साल के युवा दिल में सुलग रही बदले की चिंगारी के चलते जरायम की दुनिया में उतर आए। उन्होंने ऐसा गैंग तैयार कर लिया जो पहले अपने करीबियों की हत्याओं का बदला लेने के लिए विरोधियों की जान लेने की तैयारी कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक सुंदर भाटी का शार्प शूटर और एक लाख के इनामी बदमाश अमर मूंछ उर्फ फौजी के ताऊ के लड़के की हत्या पूर्व में चिपियाना गांव के पास कुलदीप नाम के एक युवक ने कर दी थी। इस हत्या का बदला लेने के लिए अमर करीब चार साल पूर्व अपराध की दुनिया में उतर आया और देवेंद्र के जरिए सुंदर भाटी गैंग से जुड़ गया।

पावटी मुजफ्फरनगर का रहने वाला अर्पित त्यागी भी अपने पिता विक्की त्यागी की हत्या का बदला लेने के लिए जरायम की दुनिया में उतर गया और अमर और देवेंद्र के गैंग से जुड़ गया। अर्पित ने ही अपने पिता विक्की की कार्बाइन उन्हें दी थी। इसका इस्तेमाल भाजपा नेता शिवकुमार की हत्या में भी किया गया था। फिलहाल अर्पित के साथ अमर और डीके उर्फ धर्मेंद्र भी गैंग में शामिल हो गए थे।

पंजाब में की थी गायक नवजोत सिंह की हत्या
एसएसपी वैभव कृष्ण के मुताबिक हरियाणा के भदौली निवासी कुलदीप और अनुज ने मई 2018 में पंजाब के युवा गायक नवजोत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी हत्या मोहाली पंजाब के पास कार लूट का विरोध करने पर की गई थी। कुलदीप ने नवजोत को चार-पांच गोलियां मारी थीं। दोनों ने बराड़ा अंबाला में विवेक नाम के एक व्यक्ति का अपहरण कर डेरा बस्सी पंजाब में जाकर हत्या कर दी थी। उसे आठ गोलियां मारी गई थीं। दोनों ने थाना नारायणगढ़ अंबाला में दिनदहाड़े एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

वर्चस्व के लिए हरियाणा के एक गैंग से चल रही गैंगवार
कुलदीप और अनुज उर्फ गट्टू भी हरियाणा के एमआर गैंग (मोनू राणा) के शॉर्प शूटर हैं। गैंग के लीडर मोनू राणा पर एक लाख रुपये का इनाम है। इस गैंग में नीरज गांधी, गौतम राणा, अमर राणा, अमित मलिक, पंकज मलिक, काला, विनय, शक्ति राणा, सचिन राणा और अजय पिलखनी  शामिल हैं। उनकी बीआर गैंग (भूपेंद्र राणा) गैंग से गैंगवार चल रही है। भूपेंद्र पर पांच लाख रुपये का इनाम है। एमआर गैंग में शामिल कुलदीप और अनुज ने दिल्ली, यूपी और हरियाणा में कई वारदातों को अंजाम दिया है।

डीजीपी करेंगे पुरस्कृत
एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि मुठभेड़ के बाद सुंदर भाटी गैंग के कुख्यात बदमाशों की गिरफ्तारी करने वाले क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर दिनेश यादव, सिहानीगेट इंस्पेक्टर संजय पांडेय और उनकी टीम को डीजीपी की ओर से 75 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें बदमाशों पर घोषित डेढ़ लाख की रकम भी दी जाएगी। 

पढ़े-लिखे युवाओं को गैंग में शामिल कर रहा सुंदर भाटी
पुलिस की मानें तो सुंदर भाटी पढ़े-लिखे युवाओं को गैंग में शामिल कर रहा है। उसका टारगेट ऐसे युवा रहते हैं, जिनके परिवार में कोई रंजिश चल रही हो। ऐसे युवाओं को बदला लेने के लिए उकसाकर गैंग में शामिल किया जाता है। उन्हें पुलिस से बचाने का भी भरोसा दिलाया जाता है। हत्या या लूट जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले युवाओं की फरारी काटने का इंतजाम सुंदर भाटी गैंग के अन्य सदस्य करते हैं। इसी तरह सुंदर का गैंग बड़ा होता जा रहा है।

बिना सिम के फोन से करते थे कॉल
पुलिस की मानें तो अमर और उसके साथी इतने शातिर थे कि बिना सिम के फोन से व्हॉट्सएप कॉल पर बात करते थे। इससे वह आसानी से ट्रेस नहीं हो पाते थे। व्हॉट्सएप वह वाई-फाई या हॉट स्पॉट से चलाते थे।

अपराध की राह पर चला विक्की का बेटा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत का बड़ा चेहरा रहे कुख्यात विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी का बेटा अर्पित भी अपराध की राह पर चल पड़ा है। उसे गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच की टीम ने पांच अन्य बड़े अपराधियों के साथ गिरफ्तार किया है। अर्पित कुख्यात सुंदर भाटी के साथ मिलकर अपना खुद का गैंग ऑपरेट कर रहा था। साथ ही हरियाणा के बदमाशों के मोनू राणा (एमआर) गैंग के साथ भी अपना गठजोड़ बना लिया है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी का कई जिलों के साथ ही उत्तराखंड में भी जरायम की दुनिया में सिक्का चलता था। कई सालों तक वह पत्नी मीनू त्यागी के साथ जेल में रहने के बावजूद अपराधों को अंजाम देता रहा। विक्की त्यागी के सक्रिय रहते हुए उसके दोनों बेटे अपराध की दुनिया से दूर रहकर पढ़ाई करते रहे थे। वर्ष 2015 में चर्चित उदयवीर हत्याकांड केस की सुनवाई के दौरान विक्की त्यागी की कोर्ट में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।

इस हत्या में बहावड़ी के सागर मलिक और उसके भाई सौरभ का नाम आया था। सौरभ डासना जेल और सागर वाराणसी जेल में बंद है।  इसके बाद विक्की त्यागी गैंग का सूपड़ा लगभग साफ हो गया था, जिसके अधिकांश सदस्य या तो भूमिगत हो गए थे। उन्होंने किसी अन्य गैंग का साथ पकड़ लिया था।

विक्की त्यागी की मौत के बाद उसके बेटे अर्पित त्यागी की जरायम की दुनिया में कहीं कोई चर्चा नहीं रही, लेकिन रविवार को जो हुआ, उसने जनपद के लोगों को चौंका दिया है। कुख्यात विक्की त्यागी के बेटे के इस तरह बड़े बदमाशों के साथ पकड़े जाने के बाद स्थानीय पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं, जिसके बाद अब तक विक्की त्यागी के परिवार को लेकर शांत रही पुलिस अब नए सिरे से उसके परिजनों की कुंडली खंगालने की तैयारी में लग गई है।

लूट की कार के साथ पकड़ा गया था अर्पित
कुख्यात विक्की त्यागी का बेटा अर्पित त्यागी यूं तो उसके जीते-जी अपराध की दुनिया से पूरी तरह से दूर रहा, लेकिन विक्की की मौत के करीब डेढ़ माह बाद ही उसे पुलिस ने कथित लूट की कार के साथ दबोच लिया था। हालांकि उस समय विक्की पक्ष के जिम्मेदार लोगों के सामने आने के बाद पुलिस ने इस मामले को रफा-दफा कर दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें