मुजफ्फरनगर। सराफा बाजार में गिरफ्तारी के बाद हड़कंप की स्थिति है। एनआईए की गिरफ्त में आए दोनों कारोबारियों से लेनदेन रखने वाले लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं, क्योंकि सराफा में अधिकांश कार्य कच्चे रूप में होता है। सराफ कारोबारियों के तमाम दस्तावेेज, रिकार्ड राष्ट्रीय जांच एजेंसी के कब्जे में हैं। ऐेसे में एनआईए इनके समस्त लेनदेन और बैंक खातों की भी जांच-पड़ताल कर सकती है।
आदिश जैन और अंकित गर्ग के मकान और प्रतिष्ठान पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के करीब 25 लोगों की टीम ने छापेमारी की थी। जांच में दोनों कारोबारियों को कनेक्शन विदेशों में हवाला कारोबार से जुड़ा मिला। एनआईए की टीम जब्त सामान को साथ लेकर दिल्ली रवाना हो गई थी। अब दोनों की गिरफ्तारी की वजह इन दस्तावेजों को खंगालने और रिकार्ड की जांच के बाद की गई है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में भी हड़कंप की स्थिति है, क्योंकि दोनों सराफा से लोगों का बड़ी संख्या में लेनदेन है। यह लेनदेन कच्चे रूप में किया जा रहा था। एनआईए इस लेनदेन की भी जांच कर सकती है। इससे कारोबारियों के साथ रुपये या अन्य किस्म (सोना-चांदी) से लेनदेन करने वालों की धड़कने बढ़ गई हैं। जांच की आंच इन लोगों तक भी पहुंच सकती है। साथ ही दोनों सर्राफ के बैंक खातों और उसमें हुए अब तक के ट्रांजक्शन की डिटेल खंगाली जाएगी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद चर्चा है कि सराफा बाजार में भी कार्य प्रभावित हुआ है, क्योंकि अधिकांश सराफा को कच्चा सोना (ब्रेड शुद्ध गोल्ड) यही सप्लाई करते थे। इनकी गिरफ्तारी से सराफा बाजार में हड़कंप मचा है। दोनों कारोबारियों के कारनामों को लेकर लोग हैरान हैं।