मुजफ्फरनगर। बागोवाली के चर्चित नदीम उर्फ सगीर एनकाउंटर मेें मानवाधिकार आयोग की टीम मंगलवार को मुख्यालय पहुंची। टीम के सदस्यों ने नदीम के फरार होने के साथ ही मुठभेड़ स्थल पर भी पहुंचकर सत्यापन करते हुए स्थानीय लोगों से पूछताछ की। विवेचक, पुलिसकर्मी और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के भी बयान दर्ज किए गए।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव बागोवाली निवासी नदीम उर्फ सगीर विगत पांच सितंबर 2017 को पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च झोंककर जानसठ फ्लाइओवर के नीचे से फरार हो गया था। इसके तीन दिन बाद आठ सितंबर को ककरौली क्षेत्र में लूटपाट करते हुए भागते समय नदीम पुलिस के साथ हुए एनकाउंटर में मारा गया था। नदीम के एनकाउंटर को लेकर उसके परिजनों ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत की थी। उक्त शिकायत को लेकर मानवाधिकार आयोग की टीम मंगलवार को मुख्यालय पहुंची। यहां सबसे पहले टीम ने जानसठ फ्लाइओवर के नीचे पहुंचकर उसके फरार होने के मामले में पूछताछ की। इसके बाद टीम ककरौली में पहुंची, जहां लूट करने की जगह और फिर एनकाउंटर होने के स्थान की जांच के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। यहां से टीम बागोवाली पहुंची और नदीम के परिजन व ग्रामीणों से बातचीत की।
इसके बाद टीम ने शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के साथ ही विवेचक रहे दरोगा व एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों से पूछताछ करते हुए उनके बयान दर्ज किए। टीम ने पुलिस से नदीम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम से लॉगबुक भी मंगाकर अपने कब्जे में ले ली। इंस्पेक्टर नई मंडी हरशरण शर्मा ने बताया कि मानवाधिकार आयोग की टीम ने शहर में आकर जांच की है, जिसकी रिपोर्ट के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी जाती है। टीम एक क्षेत्राधिकारी को रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद उस पर शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।