कारोबारी नीरज जैन को हिरासत में लिया
मुजफ्फरनगर। ठाकुरद्वारा में अपने घर पर बैठे कारोबारी नीरज जैन को तहसील कर्मियों की टीम ने उसे जबरन अवैध रूप से हिरासत में लेकर वाहन में बैठा लिया। कारोबारी के यह बताने पर कि उसे हाईकोर्ट से स्टे मिला है, लेकिन कर्मियों ने एक भी नहीं सुनीं। उसे पहले जिला कारागार पर तथा बाद में तहसील में ले गए। न्यायालय के कागज देखने के बाद तहसीलदार ने कारोबारी को जाने दिया।
पुलिस क्लब की जमीन की बिक्री पर स्टांप शुल्क को दस गुना करने को लेकर कारोबारी नीरज जैन और प्रशासन में विवाद चल रहा है। छह करोड़ का स्टांप शुल्क उस पर कर दिया गया है, जिस पर उसे इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे मिला हुआ है। एक अक्तूबर को उसका स्टे आगे बढ़ गया है। शुक्रवार की सुबह आठ तहसील कर्मियों की टीम सुबह नौ बजे उसके घर पहुंची और उसे जबरन गाड़ी डाल लिया। जिला कारागार में डालने के लिए कारागार के गेट पर उसे ले गए, लेकिन जैन के यह कहने पर की हाईकोर्ट के स्टे की अवमानना में आप सब जेल जाओगे तो वह डर गए और उसे तहसील में सीधे तहसीलदार अमित कुमार के सामने पेश कर दिया। इस बीच स्टे की कॉपी आदि लेकर उसके परिजन भी तहसील में पहुंच गए। इलाहाबाद हाईकोर्ट का स्टे देखकर तहसीलदार के होश उड़ गए और ढाई घंटे अवैधर हिरासत में रखने के बाद साढे़ ग्यारह बजे उसे छोड़ दिया गया। नीरज जैन ने बताया कि उसको मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उधर, तहसीलदार अमित कुमार ने नीरज जैन को हिरासत में लिए जाने से ही नकार दिया और कहा कि यह सब झूठी अफवाह है।