खतौली। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंसूरपुर क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाते हुए छापेमारी की। इस दौरान एक डॉक्टर के क्लीनिक पर प्रतिबंधित दवाई मिलने तथा पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर टीम ने क्लीनिक पर सील लगा दी। इस अभियान से झोलाछाप डॉक्टरों में खलबली मच गई।
कोर्ट और शासन के आदेशानुसार खतौली ब्लाक के प्रभारी चिकित्सक डॉक्टर अवनीश के नेतृत्व में शनिवार को टीम ने मंसूरपुर मिल रोड पर एक क्लीनिक पर छापा मारा। छापे के दौरान डॉ. ईश्वरपाल की डिग्री डीयूएम पाई गई। जबकि उनके क्लीनिक पर कोई भी देशी दवाई नहीं मिली। बल्कि क्लीनिक पर एलोपैथिक की दवाई मिली। यह दवाई यूनानी चिकित्सकों को रखने के लिए प्रतिबंधित है। इससे मरीज की जान भी जा सकती है। इसको केवल एलोपैथिक चिकित्सक ही लिख सकता है। इसके अलावा डॉक्टर 2015 के बाद का कोई पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं दिखा सके। इसके बाद क्लीनिक को सील किया गया तथा पुलिस को डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। छापेमारी के दौरान मंसूरपुर पुलिस मौजूद रही। टीम में एलए सतबीर सिंह, वार्ड ब्वाय संजीव कुमार, एसएसआई वासिफ सिद्दीकी आदि शामिल रहे।
झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाए जाने के हाईकोर्ट के सख्त आदेश हैं। पूरे जनपद में ब्लाक स्तर पर गांव-गांव अभियान चलाया जा रहा है। विगत दिनों कई ब्लाक में छापेमारी हुई है। जिसमें झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई है। इनको बैठने नहीं दिया जाएगा तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। - डॉक्टर. पीएस मिश्रा, सीएमओ, मुजफ्फरनगर