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इज्जत से बड़ी कोई चीज नहीं

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हत्यारोपी भाई को बहन की हत्या का कोई अफसोस नहीं
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मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। गांव बोपाड़ा में बहन की गोलियों से भूनकर हत्या करने के आरोपी भाई को इस कत्ल का कोई अफसोस नहीं है। पुलिस अभिरक्षा के दौरान उसने साफ शब्दों में कहा कि इज्जत से बड़ी कोई चीज नहीं, इसलिए उसे इस हत्या का कोई अफसोस नहीं है। युवती की हत्या से परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव बोपाड़ा निवासी युवती की झूठी आन की खातिर हत्या करने वाला भाई आदेश पर कत्ल करने का जुनून सवार था। इसके लिए उसने कई दिन से तैयारी भी की हुई थी। मां कुसुम का कहना है कि हत्यारोपी भाई आदेश बुढ़ाना में एक पेट्रोल पंप पर नौकरी करता है। बहन के साथ एक हफ्ते पूर्व हुई छेड़छाड़ की जानकारी मिलने के बाद घर आया था। पिछले तीन दिन से प्रेमी संग रेस्टोरेंट पर खाना खाने जाने व वहां हुई छेड़छाड़ को लेकर भाई-बहन के बीच विवाद चल रहा था। सोमवार सुबह करीब 9.30 बजे वह बहन को इसी मामले में बयान दिलाने के लिए थाने ले जाने के बहाने बाइक से बैठाकर घर से लाया और गांव के बाहर लाकर गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी हत्या करने को लेकर इतना उत्तेजित था कि दो गोलियां मारने के बाद तीसरी बार फिर कारतूस तमंचे में भरकर बहन पर गोली चलाई, लेकिन वह गोली मिस होकर तमंचे में ही फंसी रह गई। हालांकि बहन का दम दो गोलियां लगने के बाद ही निकल गया था। इसके बाद बेखौफ भाई सीधे थाना मंसूरपुर पहुंचा और तमंचे समेत खुद को पुलिस के हवाले कर बहन की हत्या करने की जानकारी दी। पुलिस अभिरक्षा में जब उससे बहन की हत्या करने की बाबत पूछा गया, तो उसका साफ कहना था कि उसी ने बहन को अपने हाथों में खिलाया था, लेकिन जब वह परिवार की इज्जत से खिलवाड़ करने पर उतर आई तो उन्हीं हाथों से उसकी जान भी ले ली। इज्जत से बढ़कर कोई चीज नहीं है, इसलिए उसे बहन की हत्या करने का कोई अफसोस भी नहीं है।
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एसपी सिटी सतपाल अंतिल ने बताया कि हत्यारोपी भाई को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा व दो खोखा-कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
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मेरा तो परिवार ही उजड़ गया
मंसूरपुर। गांव बोपाड़ा निवासी ओमवीर सिंह आदेश द्वारा बेटी की हत्या किए जाने को लेकर काफी व्यथित नजर आया। थाने में तहरीर देने पहुंचे ओमवीर सिंह ने बताया कि परिवार में दो बेटे आशीष व आदेश हैं। दो बेटियां हैं। इनमें आशीष व रूपा की शादी हो चुकी है। आशीष मेरठ में एक दुकान पर काम करता है, जबकि आदेश बुढ़ाना में पेट्रोल पंप पर नौकरी करता है। वहीं, बेटी इंटर पास करने के बाद करीब चार साल से घर पर ही रहती थी। बेटी की हत्या के बाद बिलखते ओमवीर ने बताया कि वह तो घटना के समय गन्ने डालने शुगर मिल गया था। क्या पता था कि पीछे उसकी दुनिया ही उजड़ जाएगी और वह भी अपने ही बेटे के हाथों से।
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