छपार। एक माह पूर्व फिरौती के लिए अपहरण हुए चरवाहे के एक अपहरणकर्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में शामिल छह आरोपी अभी फरार हैं।
छपार क्षेत्र के गांव ताजपुर में निर्माणाधीन मिल्क प्लांट में 12 दिसंबर की रात सहारनपुर जनपद के रामपुर मनिहारान के गांव शिवदासपुर अर्जुन निवासी प्रेमचंद का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। प्रेमचंद और मेनपाल निवासी गांव कासोपुर अपनी भेड़ों के साथ विश्राम कर रहे थे। तभी वहां पर आए बदमाशों ने उनसे नगदी, मोबाइल लूटकर प्रेमचंद का अपहरण कर पीड़ित के भाई पदम सिंह को फोन पर एक करोड़ की फिरौती की मांग की थी। पद्म सिंह ने थाना छपार में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस और परिजनों के काफी तलाश करने पर अपहृत चरवाहा अचानक बरामद हो गया था। शनिवार को पुलिस ने अपहरण के मुख्य आरोपी इकराम निवासी गांव थीथकी थाना देवबंद, जिला सहारनपुर को कुतुबपुर रजवाहे के पास से गिरफ्तार किया। बाद में पुलिस ने आरोपी का चालान कर जेल भेज दिया। एसओ आदेेश त्यागी ने बताया कि फरार छह अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
आत्मदाह की चेतावनी पर जागा प्रशासन
छपार। प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे कब्जा मुक्त भूमि अभियान में राजस्व विभाग की टीम छपार पुलिस ने बरला में 18 बीघा भूमि कब्जा मुक्त कराई है।
गांव बरला में कुतुबुदीन की 48 बीघा जमीन है। उसके सिर्फ तीन लड़कियां हैं, कोई पुत्र नहीं है। तकरीबन दस वर्ष पूर्व कुतुबुद्दीन की मृत्यु हो गई थी। तीनों पुत्रियों शफीकन, नसीमा, शम्मो की शादी हो चुकी थी। वह भूमि तीनों के नाम आ गई थी। उन्होंने उक्त भूमि को परिवार के लोगों को ही ठेके पर दे दिया था। कुछ दिन तो ठेके के रुपये दिये फिर न रुपये दिए ओर न ही भूमि दी। कई साल मुकदमा चला, जिसमें कब्जाधारी मुकदमा हार गए, लेकिन भूमि नहीं छोड़ी। गत तीन जनवरी को तीनों बहनों ने मुजफ्फरनगर में प्रेसवार्ता कर भूमि मुक्त न होने पर 15 जनवरी को आत्मदाह की चेतावनी प्रशासन को दी थी। जिस पर जिला प्रशासन हरकत में आया और तहसील से राजस्व निरीक्षक जगबीर सिंह के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक लेखपालों की टीम शनिवार को बरला पहुंची और भूमि को कब्जामुक्त कराकर पीड़ितों को कब्जा दिला दिया। राजस्व टीम में महिपाल सिंह, वेदप्रकाश, चंद्रपाल, यशपाल, तरुण और लक्ष्मीकांत मौजूद रहे।