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कांवड़ देखने गए युवक की लाश मिली

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युवक की संदिग्ध हालात में मौत
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मुजफ्फरनगर। जटनंगला निवासी युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव रामपुर चौराहे के पास पड़ा मिला। पुलिस का कहना है कि करंट लगने से उसकी मौत हुई है, जबकि परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृत्यु का कारण जानने के लिए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मंगलवार शाम को शहर कोतवाली के गांव जटनंगला के सुनील कुमार (35) मंगलवार शाम को कांवड़ देखने के लिए अपने गांव से रामपुर चौराहे पर गया था। ग्रामीणों ने उसे यहां पर चार युवकों के साथ देखा था, जिनमें से कुछ युवक गांव मलीरा के भी बताए गए हैं। कांवड़ देखने के दौरान ही वह युवकों से बातचीत करते हुए हाईवे से अलग हो गया। इसके बाद वह दिखाई नहीं दिया। रात करीब दस बजे लोगों ने रामपुर चौराहे के पास एक युवक की लाश पड़ी देखी। सूचना पर छपार पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। बाद में उसके पास मिले मोबाइल फोन से उसकी पहचान जट नंगला के सुनील कुमार के रूप में हुई। सूचना मिलने पर रात में ही मौके पर ग्रामीण पहुंच गए थे। प्रथम दृष्टया पुलिस ने बताया कि करंट लगने से इसकी मौत हुई है। सूचना पाकर देर रात को मृतक का छोटा भाई कपिल दिल्ली से यहां पहुंचा। उसने भाई का शव देखकर उसकी हत्या की आशंका जताई। बावजूद पुलिस ने उसकी ओर से भाई की अचानक संदिग्ध मौत होने की तहरीर लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। छपार इंस्पेक्टर का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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दरोगा बनना चाहता था सुनील
मुजफ्फरनगर। दो भाइयों में बड़ा सुनील कुमार यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर बनना चाहता था। मां-बाप का भी सपना उसे दरोगा की वर्दी में देखने का था, मगर ऐसा हो ना सका। सात साल पहले पढ़ाई के दौरान की पिता महावीर की मृत्यु हो गई। पिता की मौत के बाद उसने यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर का एग्जाम दिया, जिसमें वह पास भी हुआ, मगर तभी कोर्ट ने रोक लगा दी। इस बीच वह मलीरा गांव में एक पब्लिक स्कूल में शिक्षण कार्य करने लगा, मगर वहां भी किसी बात को लेकर हुए विवाद के कारण उसे नौकरी छोड़ऩी पड़ी। तीन साल पहले अचानक एक दिन मां ब्रहमकौर का साया भी दोनों भाइयों के सिर से उठ गया। मां-बाप की मौत के बाद विगत दिनों कोर्ट ने एसआई की भर्ती को फिर से बहाल किया तो सुनील को लगने लगा था कि वह अब माता-पिता के सपने को साकार करेगा। उसकी कॉल आई और 13 जुलाई को ही वह लखनऊ में सब इंस्पेक्टर पद के लिए इंटरव्यू देकर आया था। बस अब उसे रिजल्ट का इंतजार था। बुधवार शाम को वह नहीं उसकी लाश घर आई। गमगीन माहौल में शव का दाह संस्कार किया गया। छोटा भाई कपिल दिल्ली में प्राईवेट जॉब करता है। दोनों भाई अभी तक अविवाहित थे। सुनील की अचानक हुई संदिग्ध मौत से ग्रामीण भी हत्प्रभ और शोकाकुल हैं।
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