मुजफ्फरनगर। सहारनपुर से पहुंची खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने वहलना में नकली खाद्य तेल बनाने की फैक्टरी पर जांच की। शुरुआती जांच में खाद्य तेल में प्रतिबंधित रंग और आरजोमोन नाम के पदार्थ की मिलावट पाई गई।
मौके से सात ब्रांड के पैक्ड सहित चार टैंकर में भरकर रखा गया लाखों रुपये की कीमत का 15 हजार लीटर से अधिक मिलावटी खाद्य तेल सीज कर फैक्टरी सील कर दी गई। पुलिस ने फैक्टरी मालिक विक्रांत मित्तल को गिरफ्तार कर लिया है।
शुक्रवार को थाना खालापार क्षेत्र के गांव वहलना में स्थित काव्य ट्रेडिंग कंपनी पर सहारनपुर से पहुंचे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी के नेतृत्व में जांच की गई। उन्होंने बताया कि आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर उन्होंने जांच शुरू की है।
मौके पर अलग-अलग 10 ब्रांड का खाद्य तेल विक्रय के लिए पैक्ड अवस्था में पाया गया है। विभिन्न 15 नामों की पैकिंग भी मौके से बरामद हुई है। जांच के लिए सात नमूने लिए गए हैं। खाद्य तेल के एक नमूने की जांच एफएसडब्लू वैन के माध्यम से मौके पर ही की गई। खाद्य तेल की शुरुआती जांच में प्रतिबंधित लाल रंग, आरजोमोन और अरंडी के तेल की मिलावट पाई गई।
ट्रेडिंग कंपनी के नाम से पंजीकरण, तैयार हो रहा था रिफाइंड
वहलना में जिस स्थान पर सहारनपुर के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने छापा मारा उसका लाइसेंस ट्रेडिंग कंपनी के नाम से लिया गया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि वहां टैंकर में भरकर लाए गए तेल में मिलावट कर राइस ब्रान आयल, सरसों और रिफाइंड आयल के विभिन्न ब्रांड की पैकिंग की जा रही थी। मौके पर सक्षम रिफाइंड राइस ब्रान, कोल्हू किंग रिफाइंड राइस ब्रान, सरस ब्रांड सरसों का तेल बहुरानी रिफाइंड राइस ब्रान, स्टार बादशाह और न्यू पवन हंस नाम के ब्रांड से तेल पैक किया जा रहा था।
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मिलावट के आरोप में हुई फैक्टरी मालिक की गिरफ्तारी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मिलावट के आरोप में फैक्टरी मालिक विक्रांत मित्तल को पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बताया कि शुरूआती जांच में मौके से बरामद खाद्य तेल में स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थ होने की पुष्टि हुई है। बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी बीएनएस की धारा 274 और 275 के तहत की गई है।
तेल में मिले आर्जीमोन के तत्व, सेवन से ड्रॉप्सी बीमारी का खतरा
मुजफ्फरनगर। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहारनपुर मंडल वीके राठी ने बताया कि शुरुआती जांच में खाद्य तेल में आर्जीमोन के तत्व पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि खाद्य तेल (विशेषकर सरसों) में आरजीमोन (सतनाशी) के तेल की मिलावट स्वास्थ्य के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा है। इसके सेवन से ड्रॉप्सी की जानलेवा बीमारी हो सकती है। जो पैरों में सूजन, सांस फूलने, पेट में पानी भरने, ग्लूकोमा और हृदय संबंधी गंभीर समस्याओं का कारण बनती है। यह लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट करता है और बहुत हानिकारक है।
पड़ोसी जनपद और उत्तराखंड में सप्लाई हो रहा था मिलावटी तेल
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मौके से बरामद इनवॉइस के आधार पर कहा जा सकता है कि फैक्ट्री में तैयार मिलावटी तेल पड़ोसी जनपद सहारनपुर, मेरठ शामली आदि सहित उत्तराखंड भी सप्लाई हो रहा था। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अर्चना धीरान का कहना है कि कंपनी का खाद्य लाइसेंस काफी पुराना है। समय-समय पर नवीनीकरण किया जाता रहा है।