मुजफ्फरनगर। सिविल लाइन थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ से कार में तस्करी कर गाजियाबाद ले जाया जा रहा 10 लाख रुपये का गांजा बरामद किया। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए कार में युवती को बैठाया हुआ था। चारों आरोपियों को गांजा पहुंचाने के लिए एक बार में छह से 10 हजार रुपये दिए जाते थे।
पुलिस कार्यालय में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेसवार्ता कर बताया कि सिविल लाइन पुलिस, एसओजी व सर्विलांस टीम ने ऑपरेशन सवेरा अभियान के तहत बामनहेडी रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग के दौरान कार को रोका तो उसमें एक युवती व तीन युवक मौजूद मिले। तलाशी के दौरान कार में कई स्थानों पर छिपाकर रखा गया 10 लाख रुपये का 50 किलो गांजा बरामद हुआ। चारों आरोपियों का चालान कर दिया गया। इस गिरोह का सरगना गाजियाबाद के झंडापुर निवासी वीरेश कुमार महतो उर्फ राजा व उसका पार्टनर महेश यादव उर्फ डीपी यादव की तलाश है। इस गिरोह के इधर रहने वाले साथियों के बारे में जानकारी की जा रही है। वांछित दोनों आरोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीम लगी हैं।
युवती पहली बार पकड़ी गई, जबकि तीनों के खिलाफ पहले भी विभिन्न थानों में रिपोर्ट दर्ज हैं। प्रेसवार्ता में एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक व एसओ सिविल लाइन इंद्रजीत सिंह मौजूद रहे।
यह दी जानकारी
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि यह गांजा गाजियाबाद निवासी वीरेश कुमार महतो उर्फ राजा उसके पार्टनर महेश यादव उर्फ डीपी यादव ने मंगाया था। यह कार भी वीरेश कुमार महतो उर्फ राजा की ही है। वह दोनों गांजे का अवैध धंधा करते हैं। महेश यादव पैसा लेकर छत्तीसगढ़ आता है और गांजा खरीदकर कार में रखकर उन्हें कार गाजियाबाद पहुंचाने के लिए दे देता है। गिरफ्तार आरोपी जब कार को गाजियाबाद पहुंचा देते हैं तो प्रत्येक चक्कर के वह प्रत्येक व्यक्ति को 10-10 हजार रुपये देता था। ममता यादव से गाड़ी में आने के बारे में बताया कि वह इसलिए गाड़ी में बैठकर आती है कि गाड़ी में महिला होने के कारण पुलिस या कोई भी अधिकारी शक नहीं करता। उसे प्रत्येक चक्कर के 6 हजार रुपये मिलते हैं।
इन्हें किया गिरफ्तार-
मध्य प्रदेश के थाना चाकघाट के गांव चाकघाट निवासी मिथलेश
बिहार के जिला सिवान के थाना पकड़ी बाजार निवासी रोहित उर्फ मुन्ना
बिहार के जिला छपरा निवासी संदीप
छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के गांव जुटमिल निवासी ममता यादव