आरटीओ चालान की डॉट एपीके फाइल भेजकर व्हाटसएप किया हैक
जन औषधि केंद्र के फार्मासिस्ट का व्हाटसएप ग्रुप में 80 से ज्यादा लोगाें काे भेजी गई पीडीएफ फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सीएचसी शामली परिसर स्थित जन औषधि केंद्र के फार्मासिस्ट सुनील कुमार के मोबाइल फोन पर साइबर ठग ने आरटीओ चालान के नाम से डॉट एपीके पीडीएफ भेज दी। फाइल पर क्लिक करते ही व्हाटसएप हैक हो गया और करीब 80 से ज्यादा लोगों को साइबर के शातिर ने पीडीएफ फाइल भेजकर ठगी की कोशिश की, लेकिन सतर्कता व जागरूकता की वजह से ठगी होने से बच गई।
फार्मासिस्ट सुनील ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उनके मोबाइल फोन के व्हाटसएप पर आरटीओ चालान की पीडीएफ फाइल आई। उन्होंने समझा कि शायद बाइक का चालान हो गया। उसने फाइल पर क्लिक किया तो नाम व मोबाइल फोन का नंबर मांगा गया। उसने जैसे ही नाम व फोन नंबर भरा, तभी व्हाटसएप हैक हो गया। इसके बाद साइबर ठग ने उनके व्हाटसएप पर ग्रुप बनाकर करीब 80 से ज्यादा लोगों को पीडीएफ भेज दी। व्हाटसएप हैक होने पर उसने तुरंत अपने खाते में मौजूद रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए, जिससे ठगी होने से बच गई।
सुनील का कहना है कि उसके पास करीब 15-20 परिचितों के फोन आए। उसने सभी को व्हाटसएप हैक होने की जानकारी दी। इसके बाद उसने पुलिस को व्हाटसएप हैक होने की सूचना दी। पुलिस के बताए अनुसार उसने व्हाटसएप को अनस्टॉल किया और 12 घंटे बाद दोबारा व्हाटसएप इंस्टॉल किया। उसने बताया कि उसके किसी परिचित से ठगी होने का मामला जानकारी में नहीं आया।
उधर, साइबर सेल प्रभारी संजीव भटनागर ने बताया कि शादी के कार्ड, आरटीओ चालान व अन्य माध्यमों से डॉट एपीके पीडीएफ पर क्लिक न करें। क्लिक करने से मोबाइल फोन हैक होने और साइबर ठगी हो सकती है। डॉ. एपीके फाइल पर क्लिक न करें, इससे साइबर ठगी हो सकती है। जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव है।
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संजीव शर्मा