शुकतीर्थ में स्थित शुकदेव आश्रम में गाय की पूजा करते स्वामी ओमानंद जी महाराज।
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गाय विश्व की माता है : स्वामी ओमानंद
मोरना। तीर्थनगरी शुकतीर्थ स्थित श्री शुकदेव आश्रम में गोपाष्टमी के पावन पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद जी महाराज ने कहा कि गाय भारतीय जीवन और संस्कृति की सास्वत प्रतीक है। भारत की धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि में गांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश की अर्थव्यवस्था एवं कृषि उन्नति में गो और गोवंश का महत्वपूर्ण योगदान गांव धन सबसे बड़ा धन माना गया है, जिसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती है।
स्वामी ओमानंद ने कहा कि गाय विश्व की माता है यजुर्वेद में कहा गया है। पंडित विकास शर्मा व कथा व्यास सुमन कृष्ण शास्त्री ने विधि विधान से गऊ पूजन कराया। शुकदेव संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य आचार्य ज्ञानप्रकाश, दिल्ली से आई मंजू, कोमल, विमला, आशा, सविता, सुनीता आदि मौजूद रहे। इसके अलावा श्रीराम आश्रम, मां पूर्णा गिरि सिद्धपीठ, हनुमद्धाम, दंडी आश्रम, श्री महेश्वर आश्रम, रामानुज कोट आश्रम, खिचड़ी वाले बाबा के आश्रम में भी गाय माता की पूजा अर्चना की गई।