मुजफ्फरनगर। आसाराम बापू के रसोइया गवाह अखिल गुप्ता की हत्या की साजिश रचने के आरोपी तामराज उर्फ ताम्रध्वज उर्फ महावीर की जमानत अर्जी निरस्त कर दी गई। विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई हुई।
शहर के जानसठ रोड के गीता एंक्लेव निवासी दूध व्यवसायी अखिल गुप्ता 11 जनवरी 2015 को गंगा प्लाजा स्थित दुकान से स्कूटर पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। महालक्ष्मी एनक्लेव के पास दो बाइक पर आए हमलावरों ने अखिल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने जांच में खुलासा किया गया था कि गुजरात के कार्तिक हल्दर ने मीरापुर के गांव कासमपुर खोला निवासी नीरज, सीतापुर जिले के सिंघौली निवासी राहुल उर्फ अंकित उर्फ सूरज, तामराज, प्रवीण, वकील और बलबीर के साथ मिलकर हत्या की थी।
तामराज उर्फ ताम्रध्वज उर्फ महावीर पुत्र हरिराम छत्तीसगढ़ के जिला राजनाथगांव के गांव बडसूम का रहने वाला है। वह लंबे समय तक नोएडा में नाम बदलकर रहा और यहीं से पुलिस के हत्थे चढ़ गया था।
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आसाराम के मुकदमे में गवाह था अखिल
सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जांच में सामने आया था कि वर्ष 1997 से 2006 के बीच आसाराम के आश्रम में यौन उत्पीड़न के समय रसोइया अखिल और उसकी पत्नी भी आश्रम में मौजूद थे। 20 अक्तूबर 2013 को गुजरात पुलिस विमान से दंपती को अहमदाबाद ले गई थी। लंबी पूछताछ के दौरान अखिल सरकारी गवाह बन गया और आश्रम छोड़कर मुजफ्फरनगर लौट आया था।
इस तरह रसोइया बन गया था अखिल
अखिल गुप्ता वर्ष 1997 में संत आसाराम के संपर्क में आया। इसके बाद वह रसोइया बन गया। आश्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर की सेवादार वर्षा से अखिल गुप्ता ने शादी कर ली थी। वर्ष 2008 में अखिल और वर्षा ने आश्रम छोड़ दिया था। इसके बाद वह शहर में ही रहकर दूध का व्यवसाय करने लगा था।