मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र के गांव में चार साल पहले किशोरी के यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी मुनीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 की पीठासीन अधिकारी दिव्या भार्गव ने फैसला सुनाया।
वादी ने 18 सितंबर 2022 को चरथावल थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया गया था कि रात करीब साढ़े दस बजे गांव का ही मुनीर घर पहुंचा और बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी ने यौन उत्पीड़न किया और वीडियो बना ली।
वीडियो को वायरल करने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये की मांग रखी। पीड़िता ने परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 में प्रकरण की सुनवाई हुई। आरोपी मुनीर पर पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध हुआ। दोषी को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। धारा 366 में सात साल का कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड की 50 प्रतिशत धनराशि पीड़ित को प्रतिकर के रूप में देनी होगी।