शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली इंडियन बैंक शाखा द्वारा ऋण से संबंधित गलत नोटिस जारी करने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने इस मामले में सुनवाई करते हुए बैंक पर 35 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया है।
शहर के मिल रोड निवासी कमलेश ने आयोग में चार नवंबर 2022 को इंडियन बैंक शाखा कार्यालय शामली के शाखा प्रबंधक और मुख्य प्रबंधक कार्यालय तमिलनाडु के विरुद्ध परिवाद दायर कराते हुए बताया कि 24 सितंबर 2022 को बैंक की तरफ से उसे नोटिस भेजा गया कि उनके द्वारा मुकेश इलेक्ट्रॉनिक की 18 लाख रुपये की सीसी 24 सितंबर 2013 को व कोविड लोन 3,62,000 रुपये 14 जून 2020 को दिया गया। नोटिस में परिवादी के मकान पर ताला लगाकर नीलाम करने को कहा गया। परिवादी का कहना है कि मुकेश इलेक्ट्राॅनिक से उसका किसी प्रकार को कोई वास्ता नहीं है।
परिवादी ने 12 अक्तूबर 2022 को नोटिस भेजकर बैंक से अपनी त्रुटि को दूर करने और स्पष्टीकरण देने को कहा, क्योंकि परिवादी का बचत खाता बैंक में चल रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी ने लिखित बहस में कहा कि मुकेश इलेक्ट्राॅनिक के प्रोपराइटर राकेश कुमार की मृत्यु के बाद पारिवारिक सदस्य द्वारा बैंक का संपूर्ण ऋण अदा कर ऋण खाता बंद कर दिया गया है, लेकिन खाता बंद करने के बाद भी ऋण के संंबंध में दाखिल किए गए मूल दस्तावेज परिवादी को वापस न करके सेवा में कमी की।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बैंक को आदेशित किया कि वह परिवादी को ऋण से संबंधित संपत्ति के समस्त मूल कागज अविलंब वापस करे। इसके अलावा वाद व्यय के दस हजार रुपये और परिवादी को हुई मानसिक, आर्थिक क्षति की क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करे।