सार
मेरठ निवासी विवेक यादव और पत्नी पायल पंजाब में अपने साथी गैंगस्टर सोनू उर्फ साधु को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने जा रहे थे। मिर्ची पाउडर और हथियार के साथ पकड़े गए। मुठभेड़ में विवेक को गोली लगी, पुलिस ने गिरफ्तार किया।
दूसरों के लाइसेंस पर कारतूस लेकर बेचने वाला गिरफ्तार
शातिर अपराधी को छुड़ाने की सनसनीखेज साजिश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद नाकाम कर दिया। मेरठ निवासी पति-पत्नी की जोड़ी बाइक से पंजाब जा रही थी, जहां उनका इरादा पुलिस हिरासत में ले जाए जा रहे गैंगस्टर सोनू उर्फ साधु को छुड़ाने का था।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह मुठभेड़ सिविल लाइन थाना पुलिस व एसओजी टीम द्वारा संधावली अंडरपास के पास हुई। दंपती बिना नंबर की बाइक से सफर कर रहा था। उनके पास से पिस्टल, मिर्ची पाउडर, पेन कार्ड और दो एटीएम कार्ड बरामद किए गए।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि विवेक का मकसद हिमाचल की ऊना जेल में बंद शातिर सोनू उर्फ साधु को पुलिस कस्टडी से छुड़ाना था। सोनू को दो जून को पंजाब के बालासोर कोर्ट में पेश किया जाना था।
पूछताछ में विवेक ने बताया कि वह पत्नी को इसलिए साथ लाया था ताकि सफर के दौरान किसी को शक न हो। योजना थी कि रास्ते में सोनू को ले जा रही पुलिस पर हमला कर मिर्ची पाउडर डालकर गैंगस्टर को छुड़ाया जाए।
सोनू का आपराधिक रिकॉर्ड
सोनू उर्फ साधु के खिलाफ दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले भी एक बार पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका है। हालांकि उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया था।
डेढ़ माह पहले ही जेल से आया था बाहर
विवेक यादव खुद भी शातिर अपराधी है। वह मात्र डेढ़ माह पहले मेरठ जेल से रिहा हुआ था और अब फिर अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया।