सर्वे में 338 गांवों में ही कोरोना संक्रमित मिले
मुजफ्फरनगर। जिले के 498 गांवों में से 168 गांव ऐसे सामने आए हैं, जिनमें सरकारी रिकार्ड में कोरोना का एक भी मरीज सामने नहीं आया है। केवल 338 गांवों में ही कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिला प्रशासन ने प्रत्येक ब्लाक में पांच ऐसे गांव चिह्नित किए हैं, जिनमें अधिक केस हैं।
कोरोना महामारी के गांवों में पैर पसार देने से प्रशासन चौकन्ना हुआ है। जिला प्रशासन ने आरटीपीसीआर और कोविड की एंटीजन रिपोर्ट के आधार पर सभी गांवों को डेटा तैयार किया है कि किस गांव में कोरोना के कितने केस हैं। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि जिले के 498 गांवों में से 338 गांव ही ऐसे हैं, जिनमें कोरोना के केस आए हैं। 168 गांव ऐसे हैं, जिनमें कोरोना का एक भी केस नहीं है। जिला प्रशासन केस के आधार पर ही कोरोना को मात देने की तैयारी कर रहा है। जिन गांवों में पांच से अधिक केस है, ऐसे गांवों की सूची अलग से बनाई गई है। प्रत्येक ब्लाक के पांच ऐसे गांवों को चिह्नित किया गया है, जिनमें सर्वाधिक केस है। जिन गांवों में एक या दो केस है, उनमें मरीजों से सीधा संपर्क कर यह प्रयास किया जा रहा है कि अन्य लोग चपेट में न आएं। जिन गांवों में लगातार केस आ रहे हैं उन्हें अलग से चिह्नित किया गया है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि प्रत्येक ब्लाक के चिह्नित पांच गांवों में डीएम, एडीएम एवं अन्य उच्चाधिकारी सीधे निरीक्षण कर रहे हैं और गांव को कोरोना मुक्त बनाने के लिए दिशा-निर्देश दे रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने रविवार को रोहाना खुर्द, दूधली, रोनी हरजीपुर का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत की और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।