फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना स्कैनर और आक्सीमीटर के होगा कोरोना सर्वे

विज्ञापन
विज्ञापन
बिना स्कैनर और आक्सीमीटर के होगा कोरोना सर्वे
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री के आदेश पर आज से शुरू हो रहे कोरोना सर्वे में स्वास्थ्य महकमा बिना जरूरी उपकरणों के मैदान में उतरेगा। जांच के लिए विभाग के पास न तो पर्याप्त थर्मल स्कैनर हैं और न ही पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था हो पाई है।
कोरोना के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जिले में घर-घर सर्वे अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान के तहत 1120 टीमें लगाई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की ये टीमें पांच से 15 जुलाई तक सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक रोजाना जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के एक-एक घर का सर्वे करेंगी। हर टीम को कम से कम 50 घरों का सर्वे करना अनिवार्य है। टीम के सदस्य घर में रहने वाले सभी सदस्यों की सूची बनाएंगे। इसी के साथ थर्मल स्कैनर से परिवार के सभी सदस्यों की जांच करेंगे। यदि किसी में कोरोना के संभावित लक्षण मिलेंगे तो उसका जिला अस्पताल में कोरोना का टेस्ट कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाली टीमों को पंचायती राज विभाग तथा शहरी क्षेत्र की टीमों को डूडा की ओर से थर्मल स्कैनर एवं पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराए जाने थे लेकिन ये उपकरण नहीं मिल पाए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए करीब 200 उपकरण ही मिल सके हैं। रविवार से सर्वे शुरू होना है लेकिन उपकरण न मिलने से इस सर्वे पर सवाल खड़े हो गए हैं। बिना थर्मल स्कैनिंग और पल्स ऑक्सीमीटर के ही टीमें घर-घर जाकर काम करेंगी।
विज्ञापन

जिले में नहीं उपलब्धता
कोरोना वायरस के चलते थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की मांग बढ़ गई है। सरकारी विभागों के अलावा प्राइवेट कार्यालयों एवं अन्य संस्थाओं में थर्मल स्कैनर से जांच की रही है। मांग अधिक होने से ये उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। विभाग को प्रत्येक टीम के लिए एक-एक स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की जरूरत थी लेकिन जिले में इनकी किल्लत है।
विज्ञापन

कोट
रविवार से सर्वे शुरू किया जाएगा। थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की कमी है। हमारी कोशिश है कि पांच टीमों पर कार्यरत एक सुपरवाइजर को ये उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएं। - डॉ. प्रवीण चोपड़ा, सीएमओ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें