पन्नी से ढकी इस प्रतिमा का 12 जून को अनावरण होना तय किया गया। शुक्रवार को समग्र शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक रामेंद्र कुमार की ओर से बिना अनुमति लगाई गई प्रतिमा को हटवाकर थाने में मुकदमा कायम कराने की तहरीर दी। थाना प्रभारी राकेश शर्मा फोर्स लेकर गांव में पहुंचे। जेसीबी से प्रतिमा हटवाने का प्रयास किया, लेकिन गांव के युवाओं ने विरोध शुरू कर दिया था।
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नहीं है जातीय तनाव, प्रशासन दे रहा तूल
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह का कहना है कि प्रतिमा लगाने को लेकर गांव में कोई जातीय तनाव नहीं है। प्रशासन बिना वजह तूल दे रहा है। धीर सिंह हमारे पूर्वज है, जो पृथ्वीराज के सेनापति थे। प्रतिमा को दूसरे स्थान पर लगाने के लिए प्रशासन को तीन दिन का समय देना चाहिए। इसके बाद प्रतिमा को वहां स्थापित करा दिया जाएगा। 12 जून को प्रतिमा अनावरण की तारीख तय है। उन्होंने डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी से फोन पर वार्ता की। डीएम से बताया कि शासन के निर्देश के अनुपालन में किसी भी सरकारी अथवा सार्वजनिक स्थान पर कोई ढांचा नहीं बन सकता है। प्रतिमा ग्राम समाज की भूमि पर है।