दाम बढ़ने की सूचना पर ठेके हुए आउट ऑफ स्टॉक
मुजफ्फरनगर। दाम बढ़ने की सूचना पर जिले के शराब के अधिकांश ठेके आउट ऑफ स्टॉक हो गए। अंग्रेजी शराब और बीयर की ज्यादातर दुकानें खोलने के कुछ ही देर बाद बंद कर दी गईं। जिला मुख्यालय पर कुछ दुकानों पर सुबह भीड़ नजर आई, लेकिन कुछ देर बाद ही शराब खत्म होने के कारण इन पर सन्नाटा पसर गया।
जिले में शराब की 272 दुकानें हैं। इनमें देशी शराब की 158 दुकानों में से 147 ही खुल रही हैं, जबकि अंग्रेजी शराब की दुकानें 68 है। अंग्रेजी की अधिकांश दुकानों पर स्टॉक खत्म हो गया। बुधवार सुबह दस बजे सहारनपुर बस स्टैंड, नावल्टी चौक, महावीर चौक और नुमाइश कैंप की दुकानों पर शराब खरीदने के लिए लोग पहुंचे, लेकिन कुछ देर बाद ही वहां सन्नाटा हो गया। अधिकांश जगहों पर स्टॉक खत्म होने की बात कह दी गई। जबकि देशी के अधिकांश ठेके खुले थे। शराब खरीदने पहुंचे लोगों का कहना था कि दाम बढ़ने की सूचना पर विक्रेताओं ने स्टॉक खत्म दिखा दिया है। पुरबालियान, मंसूरपुर, घासीपुरा में देशी शराब मिल रही है, जबकि अंग्रेजी का स्टॉक नहीं था। पुरकाजी कस्बा हॉटस्पॉट होने के कारण यहां शराब की दुकानें नहीं खुली। भोपा में शराब की अंग्रेजी, देशी एवं बीयर तीनों की दुकानों पर स्टॉक लगभग खत्म था। शाहपुर, तितावी, बरला व बसेड़ा में भी शराब के ठेके नहीं खुले। रतनपुरी क्षेत्र के मंडावली बांगर में देशी शराब की दुकान पर इक्का दुक्का शराब खरीदते दिखे।
एक दिन में 1.72 करोड़ की शराब गटक गए लोग
मंगलवार को शराब के ठेके खुले तो लोग सवेरे से ही उन पर जुट गए। हालांकि हॉटस्पॉट में होने के कारण तथा स्टॉक खत्म होने के कारण अधिकांश दुकानें खुली नहीं थीं। दुकानदारों ने अधिकांश जगहों पर एक व्यक्ति को एक बोतल से ज्यादा शराब नहीं बेची। इसके बावजूद एक ही दिन में एक करोड़ 72 लाख रुपये की शराब गटक गए। दूसरे दिन अधिकांश ठेकों पर स्टॉक खत्म रहा।
कोट
- अंग्रेजी शराब की अधिकांश दुकानों पर पुराना स्टॉक खत्म हो गया है। इस कारण दुकानें नहीं खुलीं। अब नया स्टॉक भेजा जा रहा है। - उदय प्रकाश, जिला आबकारी अधिकारी।