ककरौली। बारहवीं पास एक छात्र को शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर जानसठ सीएचसी में तैनात एक संविदा चिकित्सक के द्वारा छह लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। यही नहीं आरोपी ने पीड़ित छात्र को मुजफ्फरनगर बीएसए की ओर से जारी एक नियुक्ति पत्र भी दिया। तीन महीने तक वेतन न मिलने पर छात्र को स्वयं के साथ ठगी होने का अहसास हुआ।
थाना ककरौली क्षेत्र के चौरावाला गांव निवासी वकील ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी मुलाकात जानसठ सीएचसी में तैनात एक संविदा चिकित्सक से हुई थी। उसने शिक्षा विभाग के एजुकेशन डेवलपमेंट स्टूडेंट सर्वे प्रोग्राम में नौकरी दिलाने के लिए छह लाख रुपए की मांग की। पीड़ित ने आरोपी की बातों पर विश्वास करके उसे अपने घर बुलाकर रुपए नकद दे दिए थे।
आरोपी के रुपए गिनने की पीड़ित छात्र ने अपने मोबाइल में वीडियो बना ली थी। पीड़ित ने बताया कि आरोपी चिकित्सक ने कुछ दिन बाद उसे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला की ओर से जारी एक नियुक्ति पत्र भी दिया।
नियुक्ति पत्र देने के बाद आरोपी ने पीड़ित को कई स्कूलों में भेजकर तीन महीने तक कार्य कराया परंतु वेतन नहीं दिया। जब पीड़ित ने इस बाबत आरोपी से पूछा तो उसने वेतन देर से आने की बात कही। पीड़ित ने आरोपी चिकित्सक की रुपए गिनने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
पीड़ित ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी के आदेश पर ककरौली थाने में मेरठ के दबथुआ क्षेत्र के गढ़ी निवासी व जानसठ सीएचसी में तैनात संविदा चिकित्सक नंदकिशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।