मुजफ्फरनगर। हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने दबाव में आकर जाटों को आरक्षण दिया था, देश के अति पिछड़ों ने एकतरफा बीजेपी को वोट दे दिया। कांग्रेस का हश्र सबके सामने है। केंद्र की भाजपा सरकार ने जाटों को आरक्षण दिया तो वह भी इसके लिए तैयार रहे।
पाल धर्मशाला में अति पिछड़ों की बैठक में भाग लेने आए राजकुमार सैनी ने पत्रकारों से बातचीत में जाटों को आरक्षण देने का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने कहा कि कुछ दबंग जातियां आरक्षण का गलत लाभ लेते हुए गरीबों का हक छीन रही हैं। देश की 54 प्रतिशत अति पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए भी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। जाटों को आरक्षण देना है तो जाति के अनुपात के आधार पर सरकारी नौकरियां तय कर दो।
सामान्य जातियों को भी उनका हक मिल जाएगा। जो गरीब जाति अपना विधायक, सांसद नहीं बना सकतीं, उनकी लड़ाई कौन लड़ेगा। जातिगत जनगणना प्रकाशित कर दी जाए। संख्या के अनुपात से गरीब जातियों को नौकरी दें। इनमें क्रीमीलेयर को अलग कर दिया जाए।
बिहार की हार पर उन्होंने कहा कि एससी और ओबीसी नाराज न होते तो भाजपा की यह स्थिति न होती। एनसीआर में जाटों की संख्या 10-12 प्रतिशत है। अपनी आरक्षण की मांग के साथ लोगों में दहशत पैदा करना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट का भी अपमान कर रहे हैं।
67 साल से अति पिछड़ों के अधिकार छीने जाते रहे हैं, अब यह बर्दाश्त नहीं होगा। सैनी ने कहा हम किसी का अधिकार नहीं छीन रहे। अपने अधिकारों को पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। मुझे गोली मारने की धमकी दी जाती है। लोकतंत्र में आवाज दबाने की बात की जा रही है।
मोदी को ओबीसी ने एकतरफा वोट कर प्रधानमंत्री बनाया है। मोदी के प्रधानमंत्री रहते अति पिछड़ों के अधिकार कोई नहीं छीन पाएगा।
रामलीला मैदान में ताकत दिखाएं पिछड़े
मुजफ्फरनगर। कुरुक्षेत्र के भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि अति पिछड़ों के अधिकारों की रक्षा के लिए महात्मा ज्योतिबा फूले की पुण्यतिथि 28 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली होगी। इस रैली में अति पिछड़ों को अपनी ताकत का अहसास कराना है।
रुड़की रोड पर पाल धर्मशाला में अति पिछड़ों की बैठक में राजकुमार सैनी ने कहा कि संसद में पिछड़े वर्ग के 200 सांसद हैं। देश की ऐसी बहुत सी पिछड़ी जातियां हैं, जिन्हें आरक्षण का लाभ मिल ही नहीं पाता। इसकी चिंता किसी को नहीं है।
पिछड़ों में वे लोग भी आरक्षण मांग रहे हैं, जो सत्ता पर काबिज रहकर दूसरों का हक छीनते रहे हैं। हरियाणा में बंसीलाल से लेकर हुड्डा तक ने एक ही जाति के लोगों को सरकारी नौकरी में भरने का काम किया।
अति पिछड़ों के अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली होगी। रैली का दिन महात्मा ज्योतिबा फूले की पुण्यतिथि पर रखा गया है। लोकतंत्र में अराजकता का सहारा लेने वालों को हमें अपनी ताकत दिखानी है।