रोडवेज डिपो में परिचालकों की मनमानी राजस्व को हानि पहुंचा रही है। यात्रियों से रुपये लेकर टिकट न बनाने वाले परिचालक को बर्खास्त कर दिया गया। परिचालक ने 14 सवारियों को टिकट नहीं दिए थे। डब्लूटी करने वाले इस बर्खास्त परिचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।
रोडवेज परिवहन निगम में परिचालकों द्वारा टिकट के पैसे डकारने के कई मामले सामने आ चुके हैं। कई संविदा परिचालकों के साथ स्थायी परिचालक पर भी कार्रवाई हो चुकी है। बृहस्पतिवार को खतौली डिपो के टीआई रमेश और अनिल ने मुजफ्फरनगर डिपो की रोडवेज बस को रोक कर मंसूरपुर में चेकिंग की। बस में 14 सवारी थी, लेकिन परिचालक अंकित कुमार निवासी कुटबा ने एक को भी टिकट नहीं दे रखे थे। इआईटीएम की भी जांच की गई तो उसमें टिकट जारी होना नहीं मिला।
परिचालक के खिलाफ तत्काल एआरएम बीपी अग्रवाल को रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट के आधार पर एआरएम ने परिचालक अंकित को बर्खास्त कर दिया । साथ ही उसके खिलाफ विभाग को राजस्व हानि पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। डिपो की यह बस हाईवे से होते हुए सहारनपुर से वाया मुजफ्फरनगर-मेरठ जा रही थी। उधर, एआरएम बीपी अग्रवाल ने वर्कशॉप का निरीक्षण कर लोड फैक्टर के साथ बसों के आवागमन की जानकारी ली। कम लोड फैक्टर देने वाले चालकों और परिचालकों को चेतावनी दी गई।