शहर से कोहरे के बीच गुजरते वाहन।
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद चली शीतलहर से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ठंडी हवाओं के चलते लोग दिनभर कांपते रहे। सर्द हवाओं ने सूरज की गर्मी को भी बेअसर कर दिया। सुबह दस बजे तक और शाम को पांच बजे के आम आदमी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर रहा है।
जिले में पांच दिनों से शीतलहर का प्रकोप जारी है। पहाड़ों पर बर्फ के बाद चली ठंडी हवाओं ने आम आदमी को कंपकंपा दिया है। शीतलहर का आलम यह है कि सूरज की तपिश भी मंद पड़ गई है। सूरज निकलने के बाद भी लोगों के हाथ-पैर ठंड में कंपकंपाते रहे। ठंड का आलम यह है कि सुबह दस बजे तक जनजीवन पूरी तरह रुका हुआ है।
सड़कें और बाजार सब सुनसान रहते हैं। सूरज के निकलने से लोगों को इतनी राहत जरुर मिल रही है कि वह अपने काम के लिए घर से बाहर निकल पा रहे हैं। शाम को पांच बजे के बाद फिर से मौसम इतना ठंडा हो जाता है कि जनजीवन रुक जाता है। लोग मजबूरी में ही अपने घरों से बाहर निकल पा रहे हैं। बाजार और सड़के सुनसान की स्थिति में हो जाते हैं। ठंड से जहां बाजार प्रभावित हो रहा है, वहीं यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।