मुजफ्फरनगर। जैन कन्या पाठशाला स्नातकोत्तर पाठशाला महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चित चयन प्रकोष्ठ की कार्यशाला का आयोजन हुआ। विषय आईक्यूएसी की भूमिका और उच्च शिक्षा रहा। इस दौरान चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय के उप कुलपति ने कहा कि कॉलेजों में आंतरिक गुणवत्ता महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला में सहारनपुर मंडल के तीनों जिलों के अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित 154 महाविद्यालयों के आईक्यूएसी एवं नैक के संयोजकों ने सहभागिता की। मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित हुआ और सरस्वती वंदना की प्रस्तुति हुई। प्राचार्या डॉ निशा शर्मा ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि उपकुलपति डॉ. एचएस सिंह ने कहा कि सभी कॉलेजों में आंतरिक गुणवत्ता महत्वपूर्ण है।
शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण सुविधाओं का ध्यान रखना जरूरी है। आईक्यूएसी की कॉलेज की समन्वयक डॉ. निशा गुप्ता ने रिपोर्ट प्रस्तुत की।
चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी के समन्वयक डॉ. एनसी लोहानी ने कार्यपद्धति एवं क्रियान्वयन पर विचार प्रस्तुत किए। तकनीकि सत्र में डीन पीके मिश्रा, मेरठ विवि के पुस्तकालयाध्यक्ष जेए सिद्दीकी, डॉ. अलका अग्रवाल धामपुर, डॉ. सुनीता शर्मा, डॉ गरिमा जैन ने गुणवत्ता, मूलभूत तत्वों, तकनीकि बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कॉलेज प्रबंध समिति के राजकुमार जैन, राजेश जैन ने बाहर से आए सभी लोगों का आभार जताया। कार्यशाला में कालेज की डॉ. रीता गर्ग, डॉ. रीता मोहन, डॉ. आभा सैनी, डॉ. संतोष, डॉ. वंदना वर्मा, सोनाली सिंह का सहयोग रहा।