संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में खाली सीटों पर दाखिले का सोमवार को अंतिम दिन रहा। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब महाविद्यालयों का फोकस देर से दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी कराने पर है। ऐसे विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में पढ़ाए जा चुके पाठ्यक्रम से जोड़ने के लिए सितंबर माह से रेमेडियल कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है।
जिले के महाविद्यालयों में 20 अगस्त से नियमित कक्षाएं चल रही हैं। इस कारण बाद में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई करीब दस दिन पीछे हो गई है। ऐसे में उन्हें सीधे नियमित कक्षा में शामिल करने के बजाए अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से अब तक पढ़ाए गए विषयों को समझाया जाएगा। रेमेडियल कक्षाओं में विषयवार पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ विद्यार्थियों की शंकाओं का भी समाधान किया जाएगा।
सनातन धर्म महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार पुंडीर ने बताया कि जुलाई माह से दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। समर्थ पोर्टल की तकनीकि दिक्कतों और छुटि्टयों के कारण दाखिले से वंचित रहे छात्रों को पंजीकरण कराने और दाखिले का अंतिम अवसर 31 अगस्त तक दिया गया था।
सोमवार तक हुए प्रवेशार्थियों की छूटी हुई कक्षाओं के लिए रेमिडियल कक्षाएं संचालित की जाएगी। इससे पहले से कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों के बीच पढ़ाई का अंतर कम किया जा सकेगा।
बीएससी गणित में रही सबसे ज्यादा सीट खाली
जिले के महाविद्यालयों में जुलाई माह से दाखिले की प्रक्रिया में कई बार तिथि विस्तारित कर अभ्यर्थियों को प्रवेश का अवसर दिया गया। इसके बाद भी शहर के महाविद्यालयों की बीएससी गणित में 500 से अधिक सीट खाली रही हैं। इसके अलावा बीए, बीएससी गृहविज्ञान और बीएससी बॉयोलॉजी में भी सीट खाली रही हैं। आर्य समाज रोड स्थित डीएवी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश कुमार त्यागी का कहना है कि छात्रों का रुझान पारंपरिक विषयों से हटकर व्यावसायिक विषयों की ओर बढ़ा है। बीसीए, बीबीए और बीएफए जैसे कोर्स में दाखिले की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।