बृहस्पतिवार को शीतलहर के चलते हाड़ कंपा देेने वाली ठंड हुई। लोग दिन में भी अपने घर और ऑफिस में बैठे हुए ठंड में कांपते रहे। पूरे दिन सूरज के नहीं निकलने से अधिकतम तापमान ही न्यूनतम तापमान के नजदीक पहुंच गया। कड़ाके की ठंड सुबह के समय कोहरे के कारण जहां आवागमन पर प्रभाव पड़ा, वहीं दिन में शीतलहर ने प्रभावित किया।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। शीतलहर के कारण आम आदमी पूरी तरह परेशान हो गया है। बृहस्पतिवार को दिनभर शीतलहर चलती रही। हवा इतनी ठंडी थी कि लोगों के हाड़ कांपते रहे। घर हो या ऑफिस, हर जगह आम आदमी का यही हाल रहा।
ऐसे मौसम में किसानों और मजदूरों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। सूरज के दिन भर नहीं निकलने से ठंड़ का अधिक अहसास हुआ। अधिकतम तापमान यहां खिसक कर न्यूनतम के पास 14.9 पर आ गया। बृहस्पतिवार को सुबह के समय कोहरा छाए रहने से जनजीवन मानों थम सा गया।
दस बजे के बाद कोहरा तो छंटने लगा, लेकिन आकाश में बादल छाए रहने के कारण दिनभर सूरज नहीं निकला। सूरज के नहीं निकलने से दुश्वारियां अधिक रहीं। ठंड के कारण जहां लोग सुबह देर तक अपने घरों में दुबके रहे, वहीं शाम को सर्द हवाओं से बचने के लिए अपने घरों में जल्द पहुंचे।
ठंड के चलते बाजारों में भी सुबह और शाम में रौनक गायब हो गई है। ठंड के चलते यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कोहरे के कारण ट्रेन और रोडवेज बसें प्रभावित हुईं। रोडवेज में अन्य दिनों के मुकाबले यात्रियों की संख्या कम रही। ट्रेनों में यही हालात रहे। ट्रेने कोहरे के कारण अपने निर्धारित समय से देरी से चली।
बाजार में गर्म कपड़ों की डिमांड बढ़ी
मुजफ्फरनगर। सर्द हवाओं के कारण ठंड से बचने के लिए बृहस्पतिवार को बाजार में गर्म कपड़ों की खरीदारी को लेकर सबसे ज्यादा भीड़ रही। बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के विशेष इंतजाम किए गए।
चाय की दुकानों पर रही भीड़
मुजफ्फरनगर। ठंड से बचने के लिए लोगों ने चाय की चुस्कियां लीं। दिन में ठंड के चलते सबसे ज्यादा भीड़ चाय की दुकानों पर दिखाई दी। चाय की दुकानों पर गर्म चाय से लोगों ने अपने अंदर की सर्दी को कम करने का प्रयास किया।