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ठंड का असर- शहर क्षेत्र में पांच दिन में हुईं 105 लोगों की मौत

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ठंड का असर : मुजफ्फरनगर में पांच दिन में हुईं 104 लोगों की मौत
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मुजफ्फरनगर। जिले में तापमान लगातार नीचे गिरते हुए पिछले पांच दिन से नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है। यहां न्यूनतम तापमान गिरते हुए सोमवार को 3.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। कड़ाके की सर्दी का आलम यह है कि शहरी क्षेत्रों में ही पांच दिनों में करीब 104 लोगों की मौत हो चुकी है। शहर में स्थित श्मशान घाट में शवों को जलाने और कब्रिस्तानों में शव दफनानेेकी संख्या काफी बढ़ गई है।
रविवार को नई मंडी स्थित श्मशान घाट में शवदाह के सभी 14 चबूतरे फुल हो गए। नतीजतन परिवार के लोगों को चार शव वहां से लौटाकर शहर के काली नदी तट स्थित श्मशान घाट ले जाने पड़े। पिछले पांच दिन में नई मंडी स्थित श्मशान घाट में 33 और शहर श्मशान घाट में 28 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। श्मशान घाट के रिकॉर्ड के मुताबिक मरने वाले अधिकांश लोगों की उम्र 60 साल से अधिक है। वहीं, शहर के चारों कब्रिस्तानों में भी शव दफनाने की संख्या में इजाफा हुआ है। सरवट और खालापार स्थित कब्रिस्तान में इस अवधि में 12-12, लद्दावाला कब्रिस्तान में 17 ईदगाह स्थित कब्रिस्तान में दो शवों को सुपुर्द ए-खाक किया गया है।
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नई मंडी श्मशान घाट में शवदाह के 14 और शहर में 17 चबूतरे
मुजफ्फरनगर। शहर क्षेत्र में स्थित नई मंडी के श्मशान घाट में शवदाह के 14 चबूतरे स्थित हैं, जबकि शहर के काली नदी तट स्थित श्मशान घाट में 17 चबूतरे हैं। वहीं, शहर श्मशान घाट में एक शवदाह मशीन भी है, जिसे पूर्व मंत्री चितरंजन स्वरूप की स्मृति में स्थापित किया गया था। इस मशीन को लॉकडाउन के बाद से कोरोना संक्रमित मरीजों के अंतिम संस्कार के लिए आरक्षित कर दिया गया है। श्मशान घाट के सचिव शिवचरण गर्ग ने बताया कि पिछले पांच दिन में इस मशीन में चार कोरोना संक्रमित मरीजों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया है।
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चेक किया जाएगा मौतों का रिकॉर्ड
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा ने शहर क्षेत्र में पांच दिन में हुई 104 मौतों के संबंध में बताया कि उनके पास इस तरह के कोई आंकड़े नहीं हैं। ठंड से जनपद में किसी की भी मौत नहीं हुई है। इसके बावजूद इन मौतों का रिकॉर्ड श्मशान घाट व कब्रिस्तान से मंगाकर व इनके परिजनों से वार्ता कर जांच की जाएगी कि इतनी अधिक संख्या में मौत के पीछे आखिर क्या वजह रही है ?
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