तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने पकड़ा था घोटाला
बिजनौर निवासी लिपिक अनिल वर्मा का खेल चुपचाप चल रहा था। तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह को शक हुआ था कि कुछ फर्जी खाते खुले हैं, उन्होंने रेलवे रोड की शाखा के मैनेजर से कहा था कि जब उनके यहां से बड़ी रकम समाज कल्याण विभाग की निकले तो बताना। गांधी कॉलोनी के बैंक से हस्तानांतरित किए गए दो करोड़ रुपये निकालने के लिए अनिल वर्मा ने चेक लगाया तो डीएम सुरेंद्र सिंह पर सूचना पहुंच गई और पूरा मामला पकड़ा गया। तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी कन्हैयालाल गुप्ता पर भी इस मामले में कार्रवाई हुई थी।
एसआईटी ने शुरू की जांच
समाज कल्याण विभाग में 2004-05 से लेकर 5008.09 तक हुए घोटाले की जांच शासन ने एसआईटी को दे दी है। एसआईटी के इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह यहां जांच के लिए आ चुके हैं। 2012 तक जिस धन का घोटाला हुआ वह सब 2009 से पहले का ही है।
जांच में सहयोग करेंगे
जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना सिंह का कहना है कि बर्खास्तगी कार्रवाई शासन से हुई हैं। एसआईटी को जांच में वह पूरा सहयोग करेंगे।
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