मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग सदस्य महिपाल सिंह वाल्मीकि ने सफाई कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं। सफाई कर्मचारियों ने अपनी बात रखते हुए पालिका अधिकारियों पर उत्पीड़न और शोषण का आरोप लगाया। सुविधा और लाभ नहीं मिलने की बात भी कही गई। इसके साथ ही एमआईटूसी कंपनी से बाहर निकाले गए सफाई कर्मियों ने भी आयोग सदस्य के सामने अपनी शिकायत रखी।
उत्तर प्रदेश एससी-एसटी आयोग सदस्य महिपाल सिंह वाल्मीकि पालिका सभाकक्ष पहुंचे। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह की मौजूदगी में उन्होंने सफाई कर्मचारी और वाल्मीकि समाज के नेताओं को आश्वस्त किया कि किसी का भी उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सामाजिक संगठन पदाधिकारियों के साथ अनेक मुद्दों पर बात की। वाल्मीकि समाज के नेता दीपक गंभीर ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को उठाया। जनपद के 10 निकायों में किए गए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के बावजूद जिला और निकाय प्रशासन कर्मचारी हित को लेकर संवेदनशील नहीं है।
- एमआइटूसी कंपनी के विरुद्ध लगाए गंभीर आरोप
जितेन्द्र वाल्मीकि, संदीप कुमार, वंश वशिष्ठ, प्रिंस कुमार सहित अन्य सफाई कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी एमआईटूसी के खिलाफ भी अपनी बात आयोग सदस्य के सामने रख गंभीर आरोप लगाए। कंपनी ने करोड़ों रुपये की हेराफेरी करते हुए कर्मचारियों के हक का पैसा हड़प कर लिया। जिसके बावजूद पालिका स्तर से कोई भी कार्रवाई कंपनी के खिलाफ नहीं की जा रही। हाल ही में कंपनी ने आवाज उठाने वाले 13 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। उनका बकाया भुगतान भी नहीं किया। कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई का कोई लाभ नहीं दिया गया है।
- संगठनात्मक चुनाव में अड़ंगा लगा रही पालिका
चमन लाल ढिंगान, राजू वैध, मदन लाल, राजेश उटवाल और अन्य सफाई कर्मचारी नेताओं ने आयोग सदस्य के सामने आरोप लगाया कि पालिका प्रशासन सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव नहीं करा रही। कई बार पालिका प्रशासन से चुनाव कराए जाने की मांग की जा चुकी है। आयोग सदस्य ने ईओ को कर्मचारियों की शिकायत और समस्याओं का त्वरित निस्तारण कर अवगत कराने के लिए कहा। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अतुल कुमार, सैनेट्री इंस्पेक्टर प्लक्षा मैनवाल मौजूद रहे।