तीन दशक में बदल गया शहर का नक्शा
मुजफ्फरनगर। बीते 34 साल में शहर में बहुत कुछ बदल गया है। शिव चौक पर अधिक दुकानें नहीं थी। एसडी मार्केट की जगह एसडी इंटर कॉलेज था, कोर्ट रोड और सदर बाजार में बाग था। अब सब बदल गए हैं। पूरा इलाका मार्केट में तब्दील हो चुका है। इस पूरे बदलाव का साक्षी अमर उजाला रहा है।
जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष 90 वर्षीष जयप्रकाश आजाद कहते हैं कि बीते 34 साल में शहर की आबादी भी बढ़ी है और बाजार भी बढे़ हैं। 34 साल पहले शिव चौक पर एसडी मार्केट की जगह एसडी इंटर कॉलेज था। आज शहर की सबसे बड़ी मार्केट यहीं पर है। कचहरी पूरी तरह जंगल में थी। चारों तरफ बाग थे। सदर बाजार और कोर्ट रोड पर बाग ही थे। इन दोनों स्थानों पर आज शहर का सबसे अच्छा बाजार है। उस समय मुख्य बाजार भगत सिंह रोड, लोहिया बाजार, सर्राफा बाजार, दाल मंडी थे। नई मंडी की शुरूआत हुई थी। कुछ दुकानें थी। देखते ही देखते पूरा शहर बदल गया।
आबादी के साथ बढ़ती गई वार्डों की संख्या
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका का गठन वर्ष 1872 में हुआ था। शुरूआत में यहां 15 वार्ड थे। इसके बाद आबादी बढ़ती गई और वार्ड भी बढ़ते चले गए। 34 साल पहले शहर में 30 वार्ड थे, जो अब 50 हो गए हैं। शहर में शुरूआत में बहुत कम आबादी थी, लेकिन 2011 की जनगणना में यहां की आबादी 3.92 लाख पर पहुंच गई। अब आबादी करीब साढ़े चार लाख तक पहुंच गई है।
चौराहों और पार्कों का हुआ कायाकल्प
मुजफ्फरनगर। नगर के प्रमुख चौराहों और पार्कों की दशा बदल गई है। शिव चौक, मीनाक्षी चौक, महावीर चौक, मदनमोहन मालवीय चौक, विश्वकर्मा, अहिल्या बाई चौक अब मन मोह रहा है। नगर के प्रमुख पार्क कंपनी बाग का भी विकास हुआ है। वर्तमान में यहां शानदार सड़क, म्यूजिकल फाउंटेन बनाया गया है। यहां सुबह-शाम घूमने आने वालों की भरमार रहती है।
शहर में मॉल भी खुला
मुजफ्फरनगर। भगत सिंह, एसडी मार्केट, नई मंडी, सराफा बाजार, लोहिया बाजार, मोल्हाहेड़ी मार्केट, दवा का सबसे बड़ा बाजार जिला परिषद समेत नगर के लगभग सभी बाजारों का विकास हुआ है। भोपा रोड पर ग्रांड प्लाजा मॉल बना है। कई मल्टीनेशनल कंपनियों के शोरूम यहां खुल गए हैं।
उठ रही है नगर निगम बनाने की मांग
मुजफ्फरनगर। शहर की जनता को अधिक लाभ मिले इसके लिए इसे नगर निगम बनाने की मांग लगातार उठ रही है। पालिका से जो प्रस्ताव भेजा गया, उसमें शहर की सीमा से सटे गांव सरवट, बझेड़ी, नसीरपुर, पचैंडा कलां, मुस्तफाबाद, बिलासपुर, कूकड़ा, शेरनगर, अलमासपुर, बीबीपुर, सहावली, संधावली, वहलना, मीरांपुर, सुजडू, मंधेड़ा, पीनना, शाहबुद्दीनपुर, मिमलाना, शेरपुर व बामनहेड़ी आदि गांवों को निगम में शामिल करने की मांग रखी गई। शहर विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री कपिलदेव अग्रवाल भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष निगम का प्रस्ताव रख चुके हैं।