मुजफ्फरनगर। मंगलवार सुबह आसमान कोहरे की चादर से पट गया। दृश्यता बेहद कम हो गई। दो मीटर की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दिया। शीतलहर के प्रकोप से ठिठुरन बढ़ गई। ऐसे में सुबह को स्कूली बच्चों को परेशानी हुई। दोपहर में निकले सूरज से कुछ राहत मिली थी कि दिन ढलने पर फिर वही स्थिति हो गई। ठंड के चलते समय से पहले बाजारों में सन्नाटा पसर रहा है।
दिसंबर के अंतिम दिनों में ठंड रौद्र रूप में आ गई है। मंगलवार दिन निकलते ही आसमान में कोहरे की सफेद चादर बिछ गई। घना कोहरा छाने से यातायात प्रभावित हो गया। हालात ऐसे रहे है कि दो मीटर की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दिया। वाहनों की फॉग लाइट भी टिमटिमाती रही, मगर निकट आने पर ही वाहन का आभास हो सका।
सुबह के समय स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी रही। ठिठुरन में बच्चे स्कूल जाने को विवश रहे। दोपहर को सूरज निकलने से लोगों ने ठंड से कुछ राहत महसूस की, लेकिन दिन ढलने पर वही हालात बन गए। शीतलहर के प्रकोप से हाल-बेहाल रहा। दिन ढलते ही बाजार और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। समय से पहले बाजार बंद हो रहे हैं।
रेल यातायात पर भी बुरा असर
मुजफ्फरनगर। घने कोहरे की मार से रेल संचालन का भी बुरा हाल है। मंगलवार की सुबह घना कोहरा छाया रहने के चलते कई पैसेंजर के साथ एक्सप्रेस ट्रेन भी प्रभावित रही। ट्रेनें घंटों लेट पहुंचने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जबकि कोहरे में ट्रेनों को सिग्नल देने के लिए रेलवे लाइन पर पटाखे रखने पड़ रहे हैं, ताकि चालक को स्टेशन नजदीक होने का आभास हो सके।