शहर की करीब पांच लाख की आबादी के साथ ही गांव-देहात से रोजाना आने वाले लोग नगर में जिस समस्या का सामना कर रहे हैं वह है जगह-जगह लगने वाला जाम। अफसर जाम से निजात दिलाने के लिए उपाय करने के दावे तो करते हैं, लेकिन इन पर अमल नहीं होता। शहर के प्रमुख चौराहे एवं मार्ग अतिक्रमण की चपेट में हैं और यही जाम का सबसे बड़ा कारण बनता है।
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। साल 2019 अपने अंतिम पड़ाव से गुजर रहा है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या बन चुके जाम से शहर को निजात नहीं मिल सकी। शहर के प्रमुख बाजारों की सड़कों और चौराहों पर लोग हर समय जाम से जूझते रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा सके। नगर में जाम का प्रमुख कारण ई-रिक्शाओं का बेतरतीब तरीके से खड़े रहना एवं अतिक्रमण है। अधिकारी इसे लेकर अभियान तो छेड़ते हैं लेकिन यह सिर्फ एक दो दिन चलने के बाद ही बंद हो जाता है।
जाम की समस्या शहर के लिए नासूर बन चुकी है। शायद ही कोई ऐसा दिन हो जब नगर की मुख्य सड़कों पर जाम न लगता है। त्योहारी सीजन में तो हालात और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं। ईद, दिवाली, होली आदि त्योहारों पर बाजारों में भीड़ बढ़ती है तो जाम की स्थिति विकट हो जाती है। मिनटों का रास्ता तय करने में घंटों लग जाते हैं। पैदल तो लोग किसी तरह निकल जाएं लेकिन दुपहिया वाहन एवं कारों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
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इन प्रमुख चौराहों पर हर समय रहता है जाम
नगर में रोडवेज बस स्टैंड के पास, प्रकाश चौक, महावीर चौक, कचहरी रोड, झांसी रानी चौक, शिव चौक, भगत सिंह रोड, मेरठ रोड, रुड़की रोड, आबकारी रोड आदि स्थान जाम की चपेट में रहते हैं। ई-रिक्शाएं एवं सड़कों पर अतिक्रमण के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
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कुछ दिन जली ट्रेफिक लाइटें, अब बंद हुईं
शहर के तीन चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगी हैं। महावीर चौक, अहिल्या बाई चौक पर लाइटें बंद पड़ी हैं जबकि मीनाक्षी चौक पर लगी सिग्नल लाइटों को कुछ दिन पूर्व सही कराया गया था। इनके माध्यम से ट्रैफिक कंट्रोल भी किया गया। कुछ दिन तक तो व्यवस्था बनी रही लेकिन अब फिर लाइटें बंद हो गईं हैं।
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पार्किंग नहीं होने से मुसीबत
शहर में वाहनों के लिए पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। नगर में केवल नौ पार्किंग स्थल हैं। इनमें भी कई काफी छोटे हैं। बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण दुकानदार और खरीदारी करने आने वाले लोग सड़कों पर ही अपने वाहन खड़े करते हैं, जिससे जाम लग जाता है। साल दर साल बीतते जा रहे हैं लेकिन नगरवासियों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।
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इन्होंने कहा...
रुड़की रोड पर डिवाइडर का निर्माण चल रहा है। इससे रुड़की रोड पर लगने वाले जाम में कमी आएगी। अतिक्रमण को लेकर भी कार्रवाई की जाती है। जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस एवं प्रशासन के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार कर उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका।
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शहर में जाम न लगे इसके लिए कई स्थानों पर ई-रिक्शाओं का प्रवेश बंद है। ई-रिक्शाओं के लिए रूट निर्धारित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त वन-वे की व्यवस्था भी लागू है। चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है।
- बीबी चौरसिया, एसपी, यातायात।