भगवान शिव से जुड़ी आस्था के चलते नन्हें कांवड़िए भी शुक्रताल से गंगा जल लेकर अपने गांव के शिवालयों पर पहुंच गए है। मोरना क्षेत्र के मंदिरों में शिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।
श्रावण मास में भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना को लेकर शिव रात्री के पावन पर्व को लेकर कांवड़िए हरिद्वार से गंगा जल लाकर मोरना क्षेत्र के अनेकों मंदिरों में गंगा जल से जलाभिषेक कर पुण्य कमाते हैं। क्षेत्र के कई गांवों के श्रद्धालु शुक्रताल के गंगा घाट से गंगा जल की कांवड़ लाते हैं। जिसमें नन्हे कांवड़िए भी अटूट आस्था के साथ इस पुनीत कार्य में शामिल हो रहे हैं। रविवार की सुबह मोरना क्षेत्र के गांव बेलडा, कादीपुर, निरगाजनी, मुझेंडा, रहकडा,
माजरा, इस्सोपुर, अथाई करहेड़ा, तिस्सा, बेहडा सादात, गंगदासपुर, ककरोली, खाईखेडा, रहमतपुर, गडवाडा ,भोकरहेडी आदि के कांवड़ियों ने शुक्रताल गंगा में डुबकी लगाकर शिव रात्री की कांवड़ को लेकर आ रहे है। कांवड़िए भगवान शिव के गगन भेदी जयकारे लगाकर अपनी आस्था को प्रकट कर नाचते गाते चले जा रहे है। वहीं शिव रात्री के पावन पर्व पर जलाभिषेक को लेकर ककराला के प्राचीन जुडेश्वर महादेव मंदिर, वजीराबाद के शिव मंदिर, भोकरहेडी के महादेव शिव मंदिर आदि को सजाकर भव्यता दी जा रही है। रात्री में मंदिरों में जागरण और कीर्तन से सारी रात भगवान शिव का गुणगान किया जायेगा।