फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाल कल्याण समिति ने छात्र के बयान लिए    

Wed, 07 Dec 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
छात्र के बयान लेने पहुंचे अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रतनपुरी के गांव फुलत के एक मदरसा के छात्र को बंधक बनाने के मामले में बाल कल्याण समिति ने पीड़ित छात्र के बयान लिए। छात्र ने कहा कि उसे नहीं पता कि कि सने उसके पैरों में जंजीर बांधी थी। बयान के बाद समिति ने शपथ पत्र लेकर छात्र को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इंकार किया। समिति ने परिजनों को हिदायत दी है कि वो परामर्श के लिए छात्र को समय-समय पर बोर्ड के समक्ष पेश करें।    
विज्ञापन

       
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव नावला के मुर्सलीम ने अपने 12 बरस के बेटे शाहवेज को पढ़ाने के लिए फुलत गांव के एक मदरसा में भेजा था, वहां से वह बुधवार को निकल भागा और गांव में ही एक बस्ती में जा पहुंचा। बताया गया था कि तब छात्र के पैरों में जंजीर बंधी थी। बस्ती के ग्रामीणों ने इस संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी। जिस पर रतनपुरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अपने कब्जे में ले लिया था। खबर मिलने पर परिजन भी आ गए थे। उसके दादा अकबर ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया। 

मदरसा के छात्र के पैरों में जंजीर बांधकर बंधक बनाने की घटना को पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लिया। बृहस्पतिवार को रतनपुरी पुलिस ने छात्र को जिला मुख्यालय लाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। समिति प्रभारी अध्यक्षा सर्वेश शर्मा, सदस्य धर्मपाल सिंह, उमेश कुमार के बोर्ड ने छात्र के बयान लिए। उसके दादा अकबर, पिता मुर्सलीम और मां नसरीन से भी पूछताछ की गई। बयान लेने के बाद समिति ने शपथ पत्र लेकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। साथ ही यह भी हिदायत दी कि परिजन समय-समय पर काउसलिंग के लिए छात्र को समिति के समक्ष पेश करेंगे।            
विज्ञापन


बुरी आदतों का शिकार है छात्र            
छात्र ने बयान में बताया कि वह पढ़ना नहीं चाहता, इसलिए मदरसे से भागा। गांव की बस्ती में पहुंचा, वहां पर किसी ने उसके पैरों में जंजीर बांधकर फोटो खींचे और जंजीर खोल दी। ऐसा करने वाले कौन हैं, वह नहीं जानता। सामने आने पर पहचान सकता हूं। छात्र गलत संगत में पड़ गया है, इसलिए उसकी आदतों को सुधारने के लिए उसकी समिति के समक्ष कई बार काउंसलिंग कराई जाएगी। बयान के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।        - सर्वेश शर्मा, प्रभारी अध्यक्षा, बाल कल्याण समिति।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें