मीरापुर कस्बे के भूम्मा रोड पर क्लीनिक चला रहे एक झोलाछाप डाक्टर की लापरवाही से एक बालक की आंख खराब हो गई। पीड़ित के पिता ने आरोपी डाक्टर के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर आईजी मेरठ को पत्र प्रेषित किया है। आरोपी डाक्टर के विरुद्ध पीड़ित परिवार में रोष व्याप्त है।
मीरापुर के मोहल्ला मुश्तर्क ईदगाह रोड निवासी इरशाद पुत्र इकबाल ने आईजी मेरठ को प्रेषित पत्र में बताया कि 2 जुलाई को उसका छह वर्षीय पुत्र अयान घर के बाहर खेल रहा था। खेलते समय उसकी आंख में अचानक कोई तिनका आदि गिरने से उसकी एक आंख में दर्द होने लगा। बच्चे को रोते देख परिजन उपचार के लिए भूम्मा रोड के एक क्लीनिक में ले गए। जहां झोलाछाप डाक्टर, जो कि अपने आप को डीयूएम डिग्री होल्डर बताता है, ने दो कंपाउंडरों की सहायता से बच्चे को पकड़वाकर उसकी आंख का ऑपरेशन किया।
आरोप है कि डाक्टर ने किसी नुकीले औजार से ऑपरेशन किया जो बालक की आंख में चुभ गया और उसकी आंख से खून बहने लगा। गंभीर हालत में परिजन बच्चे को मवाना के एक डाक्टर से उपचार दिलाया, यहां प्रारंभिक उपचार के बाद परिजन दिल्ली के एम्स में भी बच्चे को ले गए, लेकिन सभी जगह से बच्चे की आंख ठीक नहीं हो सकी। पीड़ित के पिता ने सब जगह से निराश होने के बाद पुन: मीरापुर के डाक्टर से बात की।
आरोप है कि उसने बच्चे के पिता को गोली मारने की धमकी देकर अपने क्लीनिक से भगा दिया। लापरवाह व झोलाछाप डाक्टर के उपचार के दौरान छह साल का बच्चा जीवन भर के लिये एक आंख से महरूम हो गया। पीड़ित पिता ने आईजी जोन समेत पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर आरोपी डाक्टर के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।