मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा मिलने की उम्मीद प्रबल हो गई है। मंच से ही उन्होंने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के माध्यम से पालिका को नगर निगम बनाए जाने का प्रस्ताव मांगा। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री की इस घोषणा से शहर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
नगर पालिका परिषद को नगर निगम का दर्जा दिलाए जाने की कवायद वर्षो से चल रही है। सोमवार को नुमाइश मैदान में आयोजित रोजगार नुमाइश मैदान में रोजगार मेले और जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मंशा जाहिर की। इसके लिए उन्होंने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के माध्यम से प्रस्ताव मांगा।
वर्ष 1973 में शहर को नगर पालिका परिषद का दर्जा मिला था, उससे पहले इसे सिटी बोर्ड के नाम से जाना जाता रहा। तब से शहरी आबादी का लगातार विस्तार होता रहा। लेकिन अपेक्षित विकास नहीं हो सका। जिसके चलते पालिका को नगर निगम बनाए जाने की मांग उठती रही।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भीमराव अंबेडकर के संविधान का उल्लेख किया। कहा कि संविधान देश को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। इसी कारण वह विकास के दायरे को भी बढ़ा रहे हैं, शहरों का विस्तार और उच्चीकरण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर का भौगोलिक और आर्थिक विस्तार तेजी से हुआ है, जिससे इसे अब पालिका से नगर निगम का स्वरूप देना समय की मांग बन गया है। मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना भी साझा की।
लगातार खारिज होता रहा पालिका को नगर निगम बनाने का प्रस्ताव
नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर को नगर निगम बनाने का प्रस्ताव पांच बार खारिज हो चुका है। मौजूदा राज्यमंत्री कपिल देव के पालिका चेयरमैन रहते शासन से आये प्रस्ताव को बोर्ड में पहली बार रखा गया था। लेकिन नगर निगम बनाए जाने का प्रस्ताव बोर्ड की ओर से खारिज कर दिया गया था। उसके उपरांत पंकज अग्रवाल के चेयरमैन रहते भी बोर्ड की ओर से प्रस्ताव खारिज किया गया। जबकि अंजु अग्रवाल के चेयरपर्सन रहते नगर निगम बनाए जाने का प्रस्ताव तीन बार आया और तीनों बार उसे खारिज किया गया।
चार वर्ष पहले किया गया पालिका का विस्तारीकरण, जुड़े 11 गांव
चार वर्ष पहले शासन के निर्देश पर विस्तारीकरण कर सीमा से सटे 11 गांव की आबादी सहित चार अन्य गांव का रक्बा पालिका क्षेत्र में जोड़ा गया। गांव वहलना, शाहबुद्दीनपुर, अलमासपुर, सरवट, कूकड़ा, सुजडू, मन्धेड़ा, खान्जापुर, मीरापुर, सहावली और बीबीपुर को आबादी सहित शहर में जोड़ा गया। जबकि मुस्तफाबाद, शेरनगर और बिलासपुर का रक्बा पालिका में शामिल किया गया। इससे पालिका क्षेत्र का रक्बा 4500 हेक्टेयर और आबादी पांच लाख से अधिक हो गई। प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर पालिका को नवंबर 2025 में प्रथम श्रेणी की पालिकाओं में शामिल किया।