लघु और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने अनूठी पहल की है। मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना के तहत खेत की मेढ़ों पर पौधरोपण किया जाएगा। इस योजना के पात्र किसानों को मनरेगा से पौधों का रखरखाव करने के लिए तीन वर्ष तक 175 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी। योजना में पात्र किसानों का चयन करने के लिए ब्लाक स्तर से सर्वे का कार्य शुरू हो गया है।
खेतों की सुरक्षा करने वाली मेढ़ अब किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत करेगी। किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना शुरू की है। योजना के तहत खेतों की मेढ़ पर फलदार, छायादार और जल्द बढ़ने वाले पौधे लगाए जाएंगे।
मनरेगा के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति के पात्र जॉब धारकों के साथ पट्टाधारी परिवार और सामान्य वर्ग के लघु एवं सीमांत किसान इस योजना के पात्र होंगे। हालांकि पौधे लगाने के लिए उक्त लोगों के पास स्वयं की भूमि होनी चाहिए। वन विभाग, उद्यान विभाग से किसानों को पौधे लगाने के लिए दिए जाएंगे।
खेत की मेढ़ पर लगने वाले पौधों का किसान तीन साल तक रखरखाव करेगा। इसके लिए पात्र किसान को मनरेगा से 175 रुपये प्रतिदिन मजदूरी के रूप में दिए जाएंगे। डीडीओ मोतीलाल व्यास ने बताया कि इस योजना के पात्र किसानों की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए ब्लाक स्तर, ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे कराया जा रहा है।
इस तरह के लगाए जाएंगे पौधे
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना के तहत किसान अपने खेत की मेढ़ पर आम, अमरूद, केला, शीशम, सागौन, पापुलर, यूकेलिप्टस और शीघ्र होने वाले पौधे लगा सकता है। इन पौधों की देखरेख की पूरी जिम्मेदारी संबंधित किसान की रहेगी।
तीन साल बाद बोनस के रूप में मिलेगा पेड़
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना के तहत किसान अपने खेत की मेढ़ पर पौधे लगाएगा। तीन वर्ष तक इन पौधों की देखरेख करेगा। तीन साल में पौधा वृक्ष बन जाएगा। तीन साल बाद उक्त वृक्षों को किसानों को बोनस के रूप में दे दिया जाएगा। इन पेड़ों की कटाई कराकर किसान आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकता है।