छुटभैया चढ़े हत्थे, माफिया खाकी की पकड़ से दूर
मुजफ्फरनगर। नगर की मिलन मार्केट में चौपहिया वाहनों का कटान पकड़े जाने के बाद एक के बाद एक सवाल उठ रहा है। क्योंकि पुलिस मौके से छुटभैया को ही पकड़ सकी, जबकि माफिया तो पुलिस के हत्थे ही नहीं चढ़ पाए।
मेरठ की सोतीगंज मार्केट में वाहन की कत्लगाह बंद होने के बाद इस धंधे के लिए मुजफ्फरनगर का नाम चर्चाओं में आने लगा था। पुलिस विभाग व आमजन में यह बात फैलने लगी थी, लेकिन सभी चुप थे। बुधवार को कार्रवाई हुई तो मामला खुल गया। पुलिस ने मौके से शाकिर पुत्र मेहरबान निवासी खालापार, आजम पुत्र अखलाक निवासी रहमतनगर खालापार, सब्बू अंसारी पुत्र मोहम्मद रियाज निवासी मुगल गार्डन जामियानगर व मोहम्मद आलम पुत्र स्व. वशीर अहमद निवासी चिलकाना सहारनपुर को गिरफ्तार किया। छह आरोपी मौके से फरार हो गए। सूत्र बताते हैं कि जो लोग फरार हुए हैं, वह इस धंधे से जुड़े तो हैं, लेकिन बड़े कारोबारी नहीं है। जबकि पुलिस के हाथ माफिया तक नहीं पहुंच सके। ऐसा भी नहीं है कि क्षेत्रीय पुलिस उन्हें जानती नहीं। चर्चा है कि पुलिस इस मामले में उन पर नजरें नरम किए गए है। शहर कोतवाली प्रभारी आनंद देव मिश्र ने बताया, कि जिन दुकानों से इंजन बरामद हुुए थे, उन पर शुक्रवार को पुलिस ने अपना ताला लगा दिया है।
पुलिस की अज्ञानता का माफिया को मिला फायदा
बुधवार को एएसपी ने शहर कोतवाली पुलिस को किनारे कर दूसरे थानों की पुलिस को साथ लेकर कार्रवाई की थी। उस समय माफिया चुपचाप वहां से निकल गए। वह पकड़े नहीं जा सके। इस मामले में पुलिस विभाग के कुछ धुरंधरों को कहते सुना गया कि काश, हम होते तो माफिया को भागने नहीं देते। क्योंकि इस टीम में ऐसा कोई नहीं था जो इस धंधे के मुख्य कारोबारियों को पहचानता हो। एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि वाहन काटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों पर गैंगेस्टर लगाया जाएगा।