मोरना । मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू ने कहा कि समर्पण ही शरणागति का द्वार है। कथा सुनने के लिए श्रोताओं को समर्पित होना चाहिए। हर एक वक्ता, हर एक श्रोता दिव्य लोक में पक्षी की भांति विचरण करते हुए निरंतर श्रीराम कथा श्रवण करते हैं। जीभ से निरंतर नाम जपते रहने से जीवन के समस्त कष्टों का हरण होता है।
भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में राम कथा के सातवें दिन बापू ने कहा कि तुलसीदास जी ने मानसिक शांति, प्रफुल्लता और आध्यात्मिक आनंद पाने के लिए स्वयं के मन को राम कथा श्रवण कराया। जब मन सांसारिक विषयों की अग्नि में जलता हो, तब राम कथा के सरोवर में प्रत्येक साधक को डुबकी लगानी चाहिए।
एक भरोसा, एक वाणी, एक आस और विश्वास, यही राम कथा का मर्म है। जिसकी जीभ निरंतर राम-राम का जाप करें, वह जीभ मानस की हंसिनी है। जीवात्मा का एकमात्र काम यही है, वह निरंतर राम जी का नाम उच्चारण करें। मानस मर्मज्ञ ने कहा कि घर की गुरु मां है। मां बच्चों को अच्छे-बुरे की शिक्षा निरंतर देती रहती है। प्रत्येक मनुष्य को अपना कर्म करना चाहिए।
कर्म से भागना कायरता है। मन को बुद्धि से नियंत्रित कर सही उद्देश्य के साथ कर्म करना ही श्रेष्ठ है। समय ईश्वर की दी हुई संपत्ति है, इसका सही उपयोग सुख और आनंद देता है।
भगवान श्री कृष्ण को प्रेम की रस्सी से बांधा जा सकता है । भगवान श्री कृष्ण शांति के सर्वोच्च दूत हैं। श्री कृष्ण परम योगी है। मनुष्य योग और प्राणायाम के माध्यम से अपनी जर्जरता को रोक सकता है ।
ईश्वर प्राप्ति का मतलब है अहंकार को छोड़ देना जब मनुष्य अपने भीतर के अहंकार को समाप्त कर लेता है, तब उसका हृदय भक्ति का मंदिर बन जाता है। छोटे-बड़ों का सम्मान करें, यही नीति है। बापू ने कहा मन बार-बार कह रहा है, अब पुनः सातवीं कथा शुकतीर्थ में ही हो। यज्ञमान चेतन भाई और स्वजनों ने व्यासपीठ पर पूजा आरती की।
मोरारी बापू गंगा आरती में शामिल हुए। श्री हरि सत्संग के संदीप शर्मा, हर्ष आहूजा, निधि, राजेश, डॉ हरिओम गुप्ता, सीमा गुप्ता ने भजन प्रस्तुत किए। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीरपाल निर्वाल, गंगा सेवा समिति के अरुण गर्ग, महकार सिंह, देवेंद्र आर्य, विनोद शर्मा, सुरेंद्र चौधरी आदि ने कथा व्यास का स्वागत किया।
बापू हनुमतधाम पहुंचे, जहां महामंडलेश्वर स्वामी केशवानन्द महाराज ने उन्हें हनुमानजी मूर्ति भेंट की। आंनद स्वरूपानन्द सरस्वती, महामंडलेश्वर गोपाल दास, जितेंद्र वर्मा, अरविंद पिंकी, प्रदीप जिंदल आदि रहे।
श्रीराम कथा में व्यास पीठ का पुजन बनारस से पधारे जगतगुरु सतवा बाबा संवाद
श्रीराम कथा में व्यास पीठ का पुजन बनारस से पधारे जगतगुरु सतवा बाबा संवाद
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श्रीराम कथा में व्यास पीठ का पुजन बनारस से पधारे जगतगुरु सतवा बाबा संवाद