मुजफ्फरनगर। शाहपुर के तेजवीर की हत्या के बाद पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. विकास कुमार सिंह साक्ष्य के लिए कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से समन यह कहते हुए वापस कर दिया गया है कि इस नाम का कोई डॉक्टर कभी तैनात नहीं रहा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने सीएमओ को 14 मई को तलब किया। अदालत का कहना है कि झूठा तथ्य पेश किया गया है।
शाहपुर कस्बे में पारिवारिक विवाद के चलते तेजवीर की हत्या कर दी गई थी। मृतक के बेटे सोनू सैनी ने चाचा सुखपाल को नामजद किया था। प्रकरण की सुनवाई एफटीसी-3 में चल रही है।
शुक्रवार को अदालत में अभियुक्त हाजिर हुआ। साक्ष्य के लिए पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर विकास कुमार सिंह नहीं पहुंचे। सीएमएस की ओर से भेजी गई आख्या में कहा गया कि उनके यहां इस नाम का डॉक्टर नहीं रहा। अदालत ने कहा कि 22 अप्रैल 2023 की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर डॉ. विकास कुमार सिंह के ही हस्ताक्षर हैं।
सीएमएस ने गलत तथ्य दिए। इसी वजह से सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया को हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं। उधर, सीएमओ का कहना है कि वह रिपोर्ट की जानकारी करा रहे हैं।