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चुनाव में बदला-बदला नजर आया प्रचार का तरीका

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मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार चुनाव के प्रचार का तरीका बदला हुआ नजर आया। वर्चुअल रैली अब तक के इतिहास में पहली बार हुई और कोई बड़ी रैली नहीं हुई। सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने एक-दूसरे पर जमकर तीर छोड़े।
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विधानसभा चुनाव 2022 अपने आपमें बड़ा इतिहास रचने जा रहा है। कोरोना महामारी के बीच हुए इस चुनाव में आयोग ने बड़ी रैलियों को अनुमति नहीं दी थी। चुनाव आयोग सीमित संख्या की रैली और डोर टू डोर चुनाव प्रचार की अनुमति दी थी। इसी के चलते गृह मंत्री अमित शाह को भी छोटी बैठक और डोर टू डोर प्रचार करना पड़ा। इस चुनाव में बड़े नेताओं ने पत्रकार वार्ता से ही अपने संदेश दिए। गठबंधन के नेता अखिलेश यादव और जयंत चौधरी ने इसकी शुरूआत भी मुजफ्फरनगर जनपद से की। इस चुनाव में प्रत्याशी भी गांवों में घर-घर प्रचार के लिए घूमे। ऐसा भी पहली बार हुआ है कि किसी पार्टी के नेता ने वर्चुअल रैली की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं वर्चुअल रैली की। इस विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी खास बात यह रही कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता आमने-सामने रहे। एक-दूसरे पर जमकर राजनीतिक तीर छोड़े। कोरोना काल में हुआ यह विधानसभा चुनाव हमेशा याद रखा जाएगा।
यह नेता आए चुनाव प्रचार में
भाजपा के लिए गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, सांसद सत्यपाल सिंह, मंत्री भूपेंद्र चौधरी समेत भाजपा के लिए अन्य नेता पहुंचे। गठबंधन के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने प्रचार किया। आजाद समाज पार्टी के लिए चंद्रशेखर आजाद ने रोड शो किया।
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