एक महीने पूर्व शासन द्वारा सीज किए गए अधिकारों के मामले में हाईकोर्ट ने चरथावल नगर पंचायत चेयरमैन बीना त्यागी को राहत प्रदान की है। साथ ही अध्यक्षा को विकास कार्यों में अनियमितताओं के संबंध में आठ बिंदुओं पर जारी कारण बताओ नोटिस पर सचिव नगर विकास को चार हफ्ते में निस्तारण करने का फरमान सुनाया है। इस अवधि में चेयरमैन पंचायत संबंधी कोई बड़ी पॉलिसी तय नहीं कर पाएगी। हाईकोर्ट आदेश नेट पर आने के बाद चेयरमैन समर्थक उत्साहित हैं।
कस्बा निवासी विजेंद्र त्यागी की अनियमितताओं संबंधी शिकायत पर डीएम ने जांच कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर नगर विकास सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने गत पांच अक्तूबर को नगर पंचायत अध्यक्षा को आठ बिंदुओं पर आरोप पत्र देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके अलावा उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए थे। शासन का आदेश 16 दिन बाद मिलने पर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने एसडीएम सदर रामअवतार गुप्ता को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था। शासन के आदेशों को अध्यक्षा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी. भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की बेंच में मामले की सुनवाई 21 अक्तूबर को हुई थी। बृहस्पतिवार को नेट पर कोर्ट का आदेश आया तो चेयरमैन समर्थक झूम उठे। हाईकोर्ट ने अध्यक्षा के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार बहाल कर दिए हैं। हाईकोर्ट में शिकायतकर्ता के अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार ने बताया कि चार सप्ताह में सचिव को कारण बताओ नोटिस पर अंतिम निर्णय लेना है। तब तक अध्यक्षा कोई पंचायत में कोई बड़ी पॉलिसी तय नहीं कर पाएगी। मामले को निस्तारित करते हुए बेंच ने शासन को गुण-दोष के आधार पर कारण बताओ नोटिस का निस्तारण करने का आदेश दिया। आदेश की प्रमाणित कॉपी आने के बाद एसडीएम से अध्यक्षा को चार्ज ट्रांसफर की कार्रवाई होगी।