गांव रोनी हरजीपुर का गन्ना तितावी मिल से हटाकर देवबंद चीनी मिल को आपूर्ति किए जाने की मांग को लेकर भाकियू ने डीएम और एसएसपी की गाड़ी को कलक्ट्रेट में ही रोक दिया। काफी देर तक डीएम को जद्दोजहद करनी पड़ी, तब कहीं आश्वासन मिलने के बाद अधिकारियों को जाने दिया गया।
किसानों ने इस बार तितावी चीनी मिल को गन्ना नहीं देने का फैसला लिया है। बृहस्पतिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने रोनी हरजीपुर गांव का गन्ना तितावी से हटाकर देवबंद करने की मांग को लेकर डीएम ऑफिस के प्रांगण में धरना शुरू कर दिया। डीएम डीके सिंह और उनसे मिलने आए एसएसपी बबलू कुमार की गाड़ी को नहीं जाने दिया गया। दोनों अधिकारियों को एक साथ महावीर चौक पर यातायात माह के कार्यक्रम में जाना था।
डीएम डीके सिंह ने किसानों को काफी समझाया पर वह गाड़ी के आगे से नहीं हटे। काफी देर तक जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, धर्मेंद्र मलिक, विकास शर्मा, कपिल सोम के साथ डीएम डीके सिंह की जद्दोजहद हुई। डीएम ने किसानों को समझाया और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आश्वासन के बाद ही किसानों ने अधिकारियों की गाड़ी का रास्ता छोड़ा।
किसानों की समस्याओं को लेकर डीएम से मिले
तितावी क्षेत्र के गन्ना किसानों की समस्याओं के निराकरण को लेकर रालोद का प्रतिनिधिमंडल डीएम डीके सिंह से मिला। किसानों के लिए गन्ना डालने की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग रखी। रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला।
तितावी मिल को गन्ना नहीं देने के किसानों के फैसले के बाद रालोद नेताओं ने वैकल्पिक व्यवस्था करने और किसानों की समस्याओं का निराकरण करने की मांग की। डीएम डीके सिंह ने बताया कि उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए गन्ना आयुक्त को पत्र लिख दिया है। प्रतिनिधिमंडल में श्रीराम तोमर, विदित मलिक प्रधान, जगपाल, योगेंद्र चिरौली, सुधीर भारतीय, कृष्णपाल चेयरमैन, कंवरपाल फौजी आदि मौजूद रहे।