भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व शहर से लेकर देहात तक हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और लंबी आयु के लिए तिलक किया। रक्षासूत्र बांधकर बहनों ने सुरक्षा का वचन लिया। उधर, जिला कारागार में भी रक्षाबंधन पर्व को लेकर विशेष प्रबंध किए गए।
जेल में भाइयों को राखी बांधकर बहनों की आंखों में आंसू छलक आए।सोमवार को रक्षाबंधन पर्व पर भद्रायोग भी रहा, जो सुबह 11.04 मिनट तक रहा। इसके बाद रक्षासूत्र का शुभ मुहूर्त शुरू हुआ। सुबह 11.04 बजे के बाद दोपहर 1.42 मिनट तक रक्षाबंधन का शुभ अवसर रहा। दिन निकलते ही बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी सजाने के लिए घर से निकल पड़ी।
बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर सुरक्षा का वचन लिया। राखी पर्व मनाने के लिए बहनों को भी खूब मुसीबतें झेलनी पड़ी। वहीं, भाइयों ने भी बहनों के घर पहुंचकर रक्षासूत्र बंधवाया। बहनों ने भाइयों की लंबी आयु के लिए तिलक किया और भगवान से प्रार्थनाएं की।
जेल परिसर में बहनें राखी लेकर पहुंची, आंखों में आंसू छलके
उधर, जेल में बंद भाइयों के लिए भी बहनें राखी लेकर पहुंचीं। सुबह से ही जिला कारागार में बहनों की भीड़ जुट गई। प्रशासन ने महिला पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर रक्षाबंधन पर्व पर सतर्कता बरती। महिला पुलिसकर्मियों ने जांच-पड़ताल के बाद जेल परिसर में बहनों को जाने की अनुमति दी। राखी बांधकर बहनों की आंखों में आंसू छलक आए।
साथ ही भाइयों की आंखें भी नम हो गईं। 500 बंदियों की बहनों ने जेल में आकर उनके रक्षासूत्र बांधा। वहीं, उपहार और मिठाइयों की दुकानों पर भी बहनों की काफी भीड़ जुटी रही। सबसे अधिक घेवर और काजू कतली की बिक्री रही। बहनों के यहां जाने वाले भाइयों ने बहनों के लिए उपहार खरीदे, जिनमें बच्चों के खिलौने से लेकर चॉकलेट के साथ अन्य प्रकार के गिफ्ट शामिल रहे।
बहनों के बीच पहुंचे मंत्री और विधायक
मुजफ्फरनगर। रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान और विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने भी बहनों के बीच पहुंचकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। मंत्री और विधायक ने रामपुरी, जनकपुरी, आनंदपुरी आदि कालोनियों में जाकर बहनों से रक्षासूत्र बंधवाया।
मौसम ने दिया बहनों का साथ
मुजफ्फरनगर। गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को बादलों और बूंदाबांदी ने थोड़ी राहत दी। रक्षाबंधन पर्व पर मौसम भी मेहरबान रहा। दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे और बूंदों की बौछार रही। इससे मौसम ठंडा हो गया, जिसके चलते बहनों को अधिक परेशान नहीं होना पड़ा।
बहनों की बेहताशा भीड़ के आगे कम पड़ी बसें
भाई को रक्षासूत्र बांधने के लिए बहनों ने बड़ी मुसीबत भरा सफर किया। हर मुसीबत झेलकर बहनें भाइयों के घर पहुंचीं। मुफ्त यात्रा के कारण बसों में बेतहाशा भीड़ हो गई। आलम यह रहा कि घंटों तक यात्रियों को बसें नसीब नहीं हुईं। बेकाबू भीड़ के आगे रोडवेज डिपो की व्यवस्था बौनी हो गई। ऐसा ही हाल रेलवे स्टेशन पर रहा। पैसेंजर के साथ एक्सप्रेस ट्रेन के सामान्य कोच में पैर रखने तक की जगह नहीं रही। भीड़ के कारण ट्रेनें फुल हो गई।
रक्षाबंधन बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर का रहा, लेकिन बहनें दिन निकलते ही सफर पर चल पड़ीं। रोडवेज बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं रही। बसों में खचाखच भरी भीड़ के बीच में परिचालकों को टिकट तक बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मेरठ, सहारनपुर, देवबंद, रुड़की, हरिद्वार समेत गाजियाबाद, मोदीनगर, मुरादनगर, दिल्ली के साथ आगरा, अलीगढ़ की ओर जाने वाली बसों में बेतहाशा भीड़ रही।
दोपहर के बाद हालात ऐसे बन गए कि डिपो पर बसों की संख्या से तीन गुणा ज्यादा यात्री पहुंच गए। बस के रुकते ही फुल हो जाती थी। यात्रियों में सीट पाने के लिए मारामारी रही। खिड़कियों के शीशे उठाकर उनके भीतर से बैग, छोटे बच्चों को बसों के भीतर पहुंचाया गया। हर मुसीबत को पार कर बहनें भाईयों को राखी बांधने के लिए पहुंची।
वहीं, रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ के कारण बुरा हाल रहा। ट्रेनों में यात्रियों की आवाजाही भी भयंकर भीड़ रही। ट्रेन में सवार होने के लिए यात्रियों में आपाधापी रही। रोडवेज डिपो के एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि यात्रियों के लिए करीब 138 बसों को रूट पर निकाला गया। इसके अलावा भी प्राइवेट बसें अनेक रूटों पर लगी रहीं। भीड़ के कारण स्थिति बेपटरी रही। हालांकि बसों में महिलाओं को फ्री यात्रा कराई गई।
डिपो पर जलभराव से परेशानी
मुजफ्फरनगर। बारिश होने के कारण रोडवेज डिपो पर जलभराव हो गया, जिसके चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। छोटे-छोटे बच्चे पानी में गिरकर चोटिल हुए। पूछताछ केंद्र पर भी यात्रियों की भीड़ जुटी रही।