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खिलाड़ियों को आस: टोक्यो में फतह करेगी टीम इंडिया

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भारतीय हॉकी टीम के 49 साल बाद ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुचने पर खुशी के साथ गुडलक का संदेश देते डीए? - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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खिलाड़ियों को आस: टोक्यो में फतह करेगी टीम इंडिया
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मुजफ्फरनगर/चरथावल। टोक्यो ओलंपिक में हॉकी में युवा खिलाड़ियों के उम्दा प्रदर्शन के चलते टीम इंडिया के फतह कर स्वदेश लौटने की उम्मीद खेल प्रेमियों को जगी है। हॉकी टीम के बेहतरीन प्रदर्शन पर युवा बेहद उत्साहित हैं। जिलेभर के हॉकी खिलाड़ियों में जश्न का माहौल है। करीब 49 साल बाद सेमीफाइनल में जगह बना चुकी टीम इंडिया पर दुनिया की निगाहें टिकी है। इस खिताब पर कब्जा करने को लेकर देशभर में दुआ का दौर शुरू हो गया है।
जनपद के चरथावल कस्बे की जय हिंद इंटर कॉलेज की टीम पांच दशक से हॉकी में जिले से लेकर मंडल स्तर तक खेल चुकी है। इस कॉलेज के अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी में दबदबा बनाए हुए है। टीम के इशू धीमान को पूरा भरोसा है कि नए खिलाड़ियों के जोश और जुनून से लबरेज टीम इंडिया इस बार सोना जीतकर ही लौटेगी। युवा खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय रैंक में भारत ने छलांग लगा दी है।
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ग्रामीण अंचल में खेल सुविधाओं का टोटा
अंतर विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके उम्दा खिलाड़ी ताजीम, जावेद, समून और फारूख कहते हैं देश की टीम युवाओं की सरपरस्ती में प्रतिद्वंद्वी टीम को मात देगी और गोल्ड हासिल करेगी। अरसे बाद दुनिया में हॉकी टीम कामयाबी इबारत लिखने की ओर अग्रसर है। उन्हें मलाल है कि ग्रामीण अंचल में खेल सुविधाओं को टोटा और संसाधनों की कमी के कारण प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने से महरूम रह जाती है। जिले में सुविधा युक्त स्टेडियम की कमी खलती है। यहां कई सालों से हॉकी पर ध्यान नहीं दिया गया।
पिता के बाद बेटा संभाल रहा कोच की कमान
चरथावल। जय हिंद इंटर कॉलेज के वरिष्ठ लिपिक पद से सेवानिवृत्त हो चुके कुशलपाल त्यागी को बचपन से हॉकी की दीवानगी है। उन्होंने वर्ष 1970 से 2016 तक कॉलेज टीम हॉकी टीम कोच का दायित्व संभाला। उनके नेतृत्व में जिले के बाद मंडल, यूनिवर्सिटी और नेशनल स्तर तक मैदान में दमखम दिखाया। एक दशक पहले उनके बेटे विवेक गौतम ने युवा खिलाड़ियों को तराशने का काम शुरू किया। उनका कहना है कॉलेज की टीम मेजर ध्यान सिंह स्मृति में पांच साल तक विजेता और ओएनजी गाजियाबाद में ऑल इंडिया स्तर पर उप विजेता रही है। इसके अलावा कई दर्जन प्रशिक्षु खिलाड़ी झांसी, प्रयागराज, बनारस, मेरठ और कई प्रांतों में खेल चुके है। हॉकी कोच कहते हैं कि जिला स्तर पर हॉकी के गुणवत्तापूर्वक बढ़ाने को सिंथेटिक ग्रास कोर्ट बनना वक्त की जरूरत है।
सोना लेकर लौटेगी टीम इंडिया
चरथावल के मोहल्ला मुर्दापट्टी निवासी परवेज त्यागी राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेलते हैं। फिलहाल वह लखनऊ आर्मी मेडिकल कोर की तरफ हॉकी खेलते हैं। वह देश के बड़े शहरों के मैदानों पर हॉकी में दम दिखाते हैं। कहते हैं कि युवाओं की टीम इंडिया हौसले से भरपूर है और मुल्क की तरफ से सशक्त दावेदारी कर रही है। टोक्यो में हॉकी में सोना लेकर लौटेगी। इससे नए खिलाड़िय़ों में हौसला बढ़ेगा। खिताबी जंग जीतने को लेकर देशवासियों में दुआ का दौर शुरू हो गया है।
नए खिलाड़ियों का बढ़ गया है मनोबल
युवा खिलाड़ी अक्षतवीर सिंह मंडल स्तर तक हॉकी खेल चुके हैं। कहते है कि महिला और पुरुषों की टीम के बेहतरीन प्रदर्शन से युवाओं का मनोबल बढ़ा है। राष्ट्रीय खेल हॉकी की तरफ लोगों की दिलचस्पी टीम इंडिया के कमाल से बढ़ी है। यह जोश कई सालों तक खिलाड़ियों में ऊर्जा का कार्य करेगा।
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दो दशक तक मुजफ्फरनगर की टीम का प्रदर्शन बेमिसाल था। नामचीन खिलाड़ी बच्चू सिंह आदि कई खिलाड़ियों ने जिले का गौरव बढ़ाया था। मेरठ, सहारनपुर और शामली में भी अच्छे खिलाड़ी हॉकी से जुड़े रहे हैं। टोक्यो में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन क्षेत्र के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगा। ग्रामीण अंचल से हॉकी की प्रतिभाएं निखर कर सामने आएंगी। पहले शामली शुगर मिल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में देश-दुनिया से हॉकी की हस्तियों का मार्ग दर्शन मिलता था - प्रेम कुमार क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी, सहारनपुर मंडल
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