जुलूस निकालने और रेल रोकने पर दर्ज हुए थे मुकदमे
मुजफ्फरनगर। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक उमेश मलिक समेत भाजपा नेेताओं पर मुकदमे रेल रोकने और बिना अनुमति के जुलूस निकालने पर दर्ज हुए थे।
वर्ष 2012 में सपा सरकार बनने पर भाजपा ने तीन अप्रैल को रेल रोको आंदोलन किया था। जिसमें स्थानीय स्टेशन पर रेल रोकी थी। तत्कालीन आरपीएफ इंस्पेक्टर एम असलम ने कपिलदेव अग्रवाल, अशोक कंसल, उमेश मलिक, यशपाल पंवार, वैभव त्यागी, विजय शुक्ला, सुनील तायल आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इनमें से राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के अलावा अन्य किसी ने जमानत नहीं कराई थी। कोर्ट में पेश नहीं होने के कारण राज्यमंत्री को छोड़ कर बाकी के गैर जमानती वारंट जारी हुए थे।
बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर करने आए वैभव त्यागी, सुनील तायल का कहना था कि उन्हें इस मुकदमे की जानकारी नहीं थी। दो दिन पहले गैर जमानती वारंट मिला तो इस मुकदमे की जानकारी हुई। इसी प्रकार श्रीमोहन तायल को भी मुकदमे की पहले से जानकारी नहीं थी। विधायक उमेश मलिक की इस मुकदमे के समेत चार मुकदमों में तारीख थी। कपिल देव अग्रवाल ने 2016 में शहरी सीट पर हुए उप चुनाव में बिना अनुमति के रोड शो करते हुए जुलूस निकाल कर शक्ति प्रदर्शन किया था। इस संबंध में नई मंडी कोतवाली पर दस फरवरी 2016 को कपिल देव अग्रवाल के अलावा, पूर्व विधायक अशोक कंसल, भाजयुमो जिलाध्यक्ष नितीश मलिक, श्रीमोहन तायल, विकास बिंदल आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
वर्ष 2017 में नौ फरवरी को विधानसभा चुनाव में शहर कोतवाली में भी कपिल देव अग्रवाल के खिलाफ बिना अनुमति के चुनावी जुलूस निकालने का मुकदमा दर्ज हुआ था। इन दोनों में उन्होंने जमानत नहीं कराई थी। इनमें उनके गैरजमानती वारंट जारी हुए। वहीं, बृहस्पतिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल जिंदल, आमिर, महिपाल सिंह विकल, सचिन कुमार आदि अधिवक्ताओं ने भाजपा नेताओं की ओर से पैरवी की। दोपहर को काफी संख्या में भाजपा नेता भी कोर्ट परिसर में पहुंच गए थे।
कपिल देव अग्रवाल पर आरोप तय
मुजफ्फरनगर। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल पर चुनाव आचार संहिता के एक मामले में एमपी एमलए कोर्ट ने चार्ज फ्रेम किए हैं। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कपिल देव अग्रवाल के खिलाफ 17 जनवरी 2017 को शहर कोतवाली में आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज है। इस मुकदमे में अदालत ने उन पर आरोप तय किए हैं। ब्यूरो