मुजफ्फरनगर। एक किसान ने जिले में तैनात रहे बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी राकेश कुमार सागर, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक समेत छह आरोपियों पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सिविल लाइन पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
सदर तहसील के गांव सादपुर निवासी किसान जाहिद ने विशेष अदालत भ्रष्टाचार निवारण, मेरठ में अगस्त 2023 में प्रार्थनापत्र दिया था। आरोप लगाया था कि मार्च 2023 में चकबंदी के मामले में सुनवाई जिले में तैनात रहे बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी राकेश कुमार सागर के न्यायालय में चल रही थी। आरोप लगाया कि लेखपाल अनिल कुमार व राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार को आरोपी अधिकारी ने उनके पास भेजा था, जिन्होंने उसे अधिकारी से उनके आवास पर मिलने के कहा। पीड़ित वहां नहीं गया तो दोनों कर्मचारियों ने शाम के समय बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी से कार्यालय में ही मुलाकात कराई।
आरोप है कि वहां पर अधिकारी के कहने पर दोनों आरोपी व एक अन्य कर्मचारी ने उससे अवैध रूप से दो लाख रुपये की मांग की। रकम देने से मना करने पर आरोपी अधिकारी ने कूट रचित दस्तावेजों से उसकी फाइल पर उसके खिलाफ निर्णय जारी कर दिया। आरोप है कि एसएसपी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं की गई। आरोपों की विभागीय जांच भी नहीं कराई गई। मामले में दो अधिवक्ताओं पर भी आरोप लगाए गए हैं। आरोप तो यह भी है कि फर्जी तरीके से पिछली तारीख में मोहर व हस्ताक्षर किए गए हैं।